पोलैंड की राजनयिक ने सिंधिया कन्या विद्यालय का दौरा किया
सुश्री माल्गोर्ज़ाता वेजिस-गोलेबियाक पोलैंड की एक जानी-मानी राजनयिक, शिक्षाविद और प्रशिक्षित संगीतकार हैं। वह नई दिल्ली में पोलिश इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर और मिनिस्टर प्लेनिपोटेंशियरी के तौर पर काम कर रही हैं। लगभग दो दशकों के राजनयिक अनुभव के साथ, उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया, यूरोप और फारस की खाड़ी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है। भारत के साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव सांस्कृतिक कूटनीति के ज़रिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उनके संकल्प को दिखाता है। उन्होंने कला संरक्षण, सिनेमा, साहित्य, शिक्षा, संगीत और कविता के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया है और पोलिश विरासत को भारतीय दर्शकों से जोड़ा है। उनका काम अंतरराष्ट्रीय समझ और पोलैंड-भारत की स्थायी दोस्ती के लिए संस्कृति की ताकत को एक पुल के रूप में दिखाता है।
सिंधिया कन्या विद्यालय को भारत में पोलैंड की प्रतिनिधि सुश्री माल्गोर्ज़ाता वेजिस-गोलेबियाक की मेज़बानी करने का खास सम्मान मिला। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रतिमा (बस्ट) की स्थापना तथा आपसी सहयोग के लिए प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) पर चर्चा करना था। उनके आगमन पर, प्रधानाचार्या श्रीमती निशि मिश्रा और स्कूल समुदाय के सदस्यों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सम्मान और प्रशंसा के प्रतीक के रूप में, उन्हें स्वागत-पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए । इस मौके पर सुश्री भारती सूद भी मौजूद रहीं। तत्पश्चात विद्यालय का भ्रमण किया गया। दौरे के क्रम में माधव भवन (एकेडमिक ब्लॉक) का दौरा किया गया,साथ ही भारतीय वाद्य-यंत्र कक्ष, नृत्य कक्ष, पश्चिमी संगीत कक्ष, चित्रकला कक्ष का भ्रमण किया गया। इसके बाद, सुश्री माल्गोर्ज़ाता वेजिस-गोलेबियाक ने SKV की छात्राओं द्वारा संचालित प्रमुख पहलों का दौरा किया: ' संकल्पना रोबोटिक्स लैब*की सराहना की । तत्पश्चात सिंधिया कन्या विद्यालय की एक सामाजिक पहल ' संकल्प ' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है जो ग्रामीण महिलाओं को सैनिटरी पैड के उत्पादन और वितरण के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए समर्पित है ।
विद्यालय प्राचार्या श्रीमती निशी मिश्रा और उनकी टीम के साथ बातचीत के दौरान निम्न मुद्दों पर विचार किया गया ।साइंस और स्टेम के क्षेत्र में स्टूडेंट्स के लिए लंबे समय तक चलने वाले भारत-पोलैंड सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया । स्कूल और दिल्ली स्थित पोलिश इंस्टीट्यूट के बीच सिंधिया कन्या विद्यालय और पोलिश स्कूलों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक्टिविटीज़ शुरू करने की तैयारी पर विचार किया गया । एक्सचेंज प्रोग्राम और स्टडी टूर की संभावनाओं पर भी विचार किया गया । रोबोटिक्स और स्टेम में सिंधिया कन्या विद्यालय के अहम योगदान के सम्मान में मारिया सलोमिया स्कोलोडोव्स्का क्यूरी की प्रतिमा (बस्ट) प्राप्त करने की तैयारी पर भी विचार किया गया । इस दौरे ने छात्राओं को एक कुशल राजनयिक के साथ बातचीत करने और अंतरराष्ट्रीय संबंधों, नेतृत्व और वैश्विक नागरिकता के बारे में जानकारी प्राप्त करने का एक समृद्ध अवसर प्रदान किया।