केवल खानापूर्ति नहीं, डेटा की शुद्धता जरूरीः डॉ. श्रीवास्तव

ग्वालियर। ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) के सत्र 2025-26 का डेटा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए गालव सभागार में वर्कशॉप आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी कुलगुरु प्रो. विवेक बापट की अध्यक्षता में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। इस दौरान कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार मिश्रा एवं महाविद्यालयीन विकास परिषद के निदेशक प्रो. शांतिदेव सिसोदिया, परीक्षा नियंत्रक डॉ. आशा कुमारी एवं सहायक कुलसचिव उपस्थित रहे।
वर्कशॉप में मध्यप्रदेश शासन से आए एआईएसएचई स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. नीलम वासनिक और स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. ममता श्रीवास्तव ने कॉलेज प्रतिनिधियों को पोर्टल पर डेटा दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई। स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. ममता श्रीवास्तव ने कहा कि एआईएसएचई को केवल रूटीन डेटा कलेक्शन एक्सरसाइज नहीं माना जाना चाहिए। इसके माध्यम से उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े संकलित होते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर उच्च शिक्षा की स्थिति का आकलन, नीति निर्माण, प्लानिंग और निर्णय प्रक्रिया में मदद मिलती है। स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. नीलम वासनिक ने भी एआईएसएचई सर्वेक्षण की उपयोगिता, डेटा क्वालिटी, सत्यापन और समयबद्ध सबमिशन पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कॉलेजों से डेटा अपलोड करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा। वर्कशॉप में जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार मिश्रा ने संबद्ध कॉलेजों को शासन के नियमों और विश्वविद्यालय के परिनियमों के अनुसार संस्थान संचालित करने के निर्देश दिए। निदेशक महाविद्यालयीन विकास परिषद प्रो. शांतिदेव सिसोदिया ने अशासकीय महाविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और उन्हें नियमानुसार वेतन दिया जाए। वर्कशॉप में कॉलेजों के प्रतिनिधि, एआईएसएचई नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

posted by Admin
17

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->