टेवा, गोदरेज, जमुना आटो पर पहले ही चरण में वसूली होगी, 60 अन्य उद्योग भी दायरे में
- संपत्तिकर का मसला केबिनेट से शीघ्र हल होगाः आईआईडीसी
ग्वालियर। मालनपुर में नगर परिषद के नोटिस के बाद मालनपुर के 20 उद्योगों पर संपत्तिकर वसूली की तलवार लटक रही है और 60 उद्योग और संपत्तिकर वसूली की लिस्ट में हैं। इन उद्योगों में सबसे बड़े उद्योग टेवा, गोदरेज, जमुना आटो, स्र्टलिंग एग्रो, सूर्या रोशनी, मांडलेज कैडबरी पहली वसूली लिस्ट में हैं। वहीं इण्डस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डव्लपमेंट कारपोरेशन आईआईडीसी की कार्यकारी संचालक अनीशा श्रीवास्तव ने कहा है कि इस मामले में शासन पर उच्चस्तरीय निर्णय होना है। अभी उद्योगों को संपत्तिकर जमा करने की जरूरत ही नहीं हैं। वहीं नगर परिषद के सीएमओ रेहान अली जैदी का कहना है कि हमें 2021 से संपत्तिकर सभी फैक्ट्रियों से वसूलना है। यह निर्देश नगरीय प्रशासन से हमें मिले हैं।
हालांकि मालनपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन फैक्ट्रियों से संपत्तिकर वसूली का विरोध कर रही है। उसका कहना है कि जब हम आईआईडीसी के तहत है और वही हमसे विकास शुल्क व अन्य चार्ज ले रहा है तो संपत्तिकर क्यों। फैक्ट्रियां यह दोहरी मार कतई नहीं सहेंगी। इस पर मालनपुर नगर परिषद के सीएमओ रेहान अली जैदी कहते है कि हम पूरी फैक्ट्री की जमीन थोड़े ही संपत्तिकर वसूलने की बात कर रहे हैं। हमारा तो कहना है कि जहां आपकी बिल्डिंग या भवन कुल जमीन के 20 प्रतिशत हिस्से में बना है उसी पर टैक्स लगेगा, खुली जमीन पर नहीं। जैदी ने कहा कि फैक्ट्री संपत्तिकर नहीं देगी तो हम कुर्की से वसूली की कार्रवाई करेंगे और हमने यह गोहद एसडीएम कोर्ट में परमीशन मांगी है।
निर्णय का इंतजार, फैक्ट्री संचालक परेशान न होः अनीशा
इधर आईआईडीसी की कार्यकारी संचालक अनीशा श्रीवास्तव ने इस प्रतिनिधि से चर्चा में कहा कि मालनपुर के फैक्ट्री संचालक परेशान न हो। यह मेरी जानकारी में आया है। इस संदर्भ में शीघ्र ही केबिनेट स्तर पर संपत्तिकर मामले का निराकरण हो जायेगा ऐसी संभावना है। कार्यकारी संचालक अनीशा श्रीवास्तव ने कहा कि आईआईडीसी ने भी इस संदर्भ में रिपोर्ट शासन को भेजी है इसलिये उद्योग संचालक बेवजह परेशान न हों। इसका शीघ्र हल निकाला जायेगा। अनीशा श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर का विकास, सड़क, बिजली, पानी व साफ सफाई की व्यवस्था भी आईआईडीसी सम्हाल रहा है। जिसके कारण मालनपुर प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है।