सफलता की कहानी: हौसले को मिली पूँजी तो बात बन गई…..
(हितेन्द्र सिंह भदौरिया)
ग्वालियर | ग्वालियर जिले के बिलौआ गांव निवासी अनुराग पाण्डेय के मन में एक सपना बरसों से दस्तक दे रहा था, वह सपना था अपना व्यवसाय व अपनी पहचान। वे इस दिशा में यत्न करते लेकिन हर बार पूँजी की कमी दीवार बनकर आड़े आ जाती। अनुराग के लिए यह सपना तब तक महज़ एक इच्छा बना रहा, जब तक उन्हें “मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना” के बारे में जानकारी नहीं मिली।
अनुराग के जीवन में “मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना” एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई। योजना की सहायता से जून 2026 में मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक की बिलौआ शाखा से उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण-अनुदान स्वीकृत हुआ। इस पूंजी ने उनके सपने को दिशा दी और उन्होंने अपना आर.ओ. प्लांट स्थापित कर व्यवसाय की शुरुआत की। फिर शुरू हुआ मेहनत और लगन का सफर। धीरे-धीरे उनकी इकाई ने रफ्तार पकड़ी। उनकी यह इकाई अब सुचारू रूप से संचालित हो रही है। सबसे खास बात यह है कि अनुराग का यह उद्यम अब सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि चार अन्य परिवारों की भी आजीविका का ज़रिया बन चुका है।
सरकार द्वारा चलाए जा रहे “सेवा संकल्प अभियान” एवं “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” का मूल उद्देश्य भी यही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे। अनुराग पाण्डेय की आत्मनिर्भरता की यह कहानी दर्शाती है कि सही जानकारी और सही समय पर मिला सहयोग एक व्यक्ति को न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि उसे दूसरों के लिए रोजगार सृजक भी बना देता है।
अनुराग सरकार की योजना की मदद से स्थापित किए गए व्यवसाय के माध्यम से स्वयं तो आत्मनिर्भर बने ही हैं, साथ ही चार अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के उन तमाम युवाओं के लिए मिसाल बन गई है, जो उद्यम शुरू करने का सपना तो देखते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते हिम्मत नहीं जुटा पाते। सेवा-संकल्प अभियान ऐसे ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की राह दिखा रहा है।
अनुराग पाण्डेय कहते हैं कि मेरे पास उद्यम खड़ा करने का हौसला तो था पर पूँजी की कमी थी। जब हमें सरकार की योजनाओं से पूंजी मिली तो सारी बातें बन गईं। इसके लिये हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति सदैव आभारी रहेंगे।