सनाढय सभा के चुनाव में प्रांत अध्यक्ष उम्मीदवार महेन्द्र पटसारिया ने किया यूजीसी का पुरजोर विरोध
- विजयी होने पर यूजीसी के विरोध में करेंगे दिल्ली कूच
ग्वालियर। ग्वालियर अंचल में पहली बार होने वाले मध्यप्रदेश सनाढय ब्राहमण सभा का चुनाव रंग लाने लगा है। आगामी 20 सितंबर को होने वाले चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अपनी अपनी प्राथमिकतायें बताकर समाज के मतदाताओं के बीच जा रहे हैं। मध्यप्रदेश सनाढय ब्राहमण सभा के आगामी होने वाले चुनाव में प्रांतीय अध्यक्ष पद के उम्मीदवार महेन्द्र पटसारिया का कहना है कि वह यूजीसी का पुरजोर विरोध करते है और यदि यूजीसी रोलबैक आंदोलन चलता रहा और वह विजयी हुये तो आगामी चुनाव के बाद सवर्ण समाज के हित में सनाढय सभा के पदाधिकारियों के साथ दिल्ली कूच करेंगेे और जंतर मंतर पर बैठकर यूजीसी और एससीएसटी एक्ट का पुरजोर विरोध करेंगे।
आगामी 20 सितंबर को होने वाले मध्यप्रदेश सनाढय ब्राहमण सभा के चुनाव के प्रांताध्यक्ष पद के उम्मीदवार महेन्द्र पटसारिया का कहना है कि समाज में काम करने के लिये गैरराजनैतिक होना जरूरी है और वह गैर राजनैतिक होकर समाज विरोधी कानूनों जैसे यूजीसी का पुरजोर विरोध करते है। उन्होंने कहा कि वह समाज के हर जमीनी परिवार के साथ सदैव खड़े रहेंगे और समाज के हर व्यक्ति की बात सुनकर उसकी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास करेंगे। श्री पटसारिया का कहना है कि समाज को सशक्त और संगठित बनाने के लिये वह पुरजोर कोशिश करेंगे। श्री पटसारिया का कहना है कि समाज के कुछ लोग पर्दें के पीछे रहकर समाज की राजनीति कर रहे है जिस कारण पहली बार सनाढय ब्राहमण सभा का चुनाव हो रहा है। उन्होंने कहा यदि वह मध्यप्रदेश सनाढय ब्राहमण सभा के अध्यक्ष चुने जाते है तो वह सवर्ण समाज के हित में सनाढय सभा के पदाधिकारियों और समाज के लोगों को इकटठा कर यूजीसी के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर कूच करेंगे। श्री पटसारिया का कहना है कि ग्वालियर के साथ ही वह अंचल में रह रहे समाज के लोगों की समस्याओं के निदान के लिये वह सदैव उपलब्ध रहेंगे।