शरद पूर्णिमा पर रागायन का संगीत समारोह 25 अक्टूबर को
महाजनी और सारोलकर स्मृति सम्मान से विभूतियां होंगी अलंकृत,
सामवेद गायन और शास्त्रीय संगीत की सजेगी सुरमयी सभा
ग्वालियर। शरद पूर्णिमा की सुरमयी बेला में ग्वालियर की समृद्ध सांगीतिक परंपरा को नमन करने के लिए प्रतिष्ठित सांगीतिक संस्था रागायन द्वारा 25 अक्टूबर को एक दिवसीय संगीत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन ग्वालियर की संगीत विरासत को समृद्ध करने वाली दो महान विभूतियों स्वर्गीय पंडित महीपत राव विष्णुपंत महाजनी और पंडित एकनाथ सारोलकर (दाजी) की स्मृति को समर्पित होगा। सिद्धपीठ श्री गंगादास जी की बड़ी शाला, लक्ष्मीबाई कॉलोनी में शाम 6 बजे से आयोजित इस समारोह में सम्मान, सामवेद की ऋचाओं के गायन और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों के माध्यम से सुर-साधना की परंपरा का उत्सव मनाया जाएगा।
ग्वालियर की सांगीतिक परंपरा में पंडित एकनाथ सारोलकर और पंडित महीपत राव महाजनी का विशिष्ट स्थान रहा है। पंडित सारोलकर ग्वालियर घराने के उत्कृष्ट गायक थे। अपनी गायकी और संगीत-साधना से उन्होंने घराने की समृद्ध परंपरा को प्रतिष्ठित किया। वहीं, पंडित महाजनी ने संगीत के संवर्धन, संरक्षण और प्रसार के लिए उल्लेखनीय कार्य किया तथा संगीत गतिविधियों को प्रोत्साहित कर इस सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रागायन का यह आयोजन दोनों विभूतियों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ नई पीढ़ी को ग्वालियर की गौरवशाली संगीत परंपरा से जोड़ने का अवसर भी बनेगा।
दो विशिष्ट विभूतियों को स्मृति सम्मान:
रागायन की विज्ञप्ति के अनुसार, समारोह की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष एवं सिद्धपीठ श्री गंगादास जी की बड़ी शाला के पीठाधीश्वर महंत स्वामी रामसेवकदास जी महाराज करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं गुरु पूजन तथा दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर माल्यार्पण से होगा। समारोह में सामवेद के प्रतिष्ठित विद्वान पंडित मधुकर शास्त्री तैलंग को पंडित महीपत राव महाजनी सम्मान प्रदान किया जाएगा, जबकि प्रख्यात ख्याल गायक पंडित अमरेंद्र धनेश्वर को पंडित एकनाथ सारोलकर स्मृति सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। इसके बाद पंडित मधुकर शास्त्री तैलंग सामवेद की ऋचाओं का गायन करेंगे। वैदिक स्वर-लहरियों के पश्चात संगीत समारोह का विधिवत शुभारंभ होगा।
शास्त्रीय गायन-वादन से सजेगी सुरसभा:
संगीत संध्या का आरंभ श्रीमती स्मिता महाजनी के गायन से होगा। इसके बाद पंडित सुधांशु कुलकर्णी एकल संवादिनी वादन प्रस्तुत करेंगे। समारोह का समापन प्रख्यात ख्याल गायक पंडित अमरेंद्र धनेश्वर के गायन से होगा। संगीत प्रस्तुतियों में तबले पर डॉ. विनय बिंदे और श्री संजय राठौर संगत करेंगे, जबकि संवादिनी पर श्री संजय देवले साथ देंगे। सामवेद के आध्यात्मिक स्वरों और शास्त्रीय संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों से सजी यह संध्या ग्वालियर की सांगीतिक विरासत को समर्पित होगी।