पांडवों और कौरवों के शुरुआती जीवन पर आधारित इस भव्य शो में तोरल रासपुत्र, मनीष वाधवा, जितेन लालवानी, चंदन आनंद जैसे कलाकार नजर आएँगे

शो 29 सितंबर से सोमवार से शनिवार रात 8 बजे सोनी पल पर प्रसारित होगा


मुंबई,: सोनी पल अपने नए पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ के साथ अपनी प्रोग्रामिंग को और मजबूत कर रहा है। यह शो महाभारत के उन किरदारों की कहानी सामने लाएगा, जो आगे चलकर इस महागाथा के प्रमुख वीर बने। शो का प्रीमियर 29 सितंबर को होगा और यह सोमवार से शनिवार रात 8 बजे सोनी पल पर प्रसारित किया जाएगा।

‘हस्तिनापुर के वीर’ भारत की सबसे चर्चित महागाथाओं में से एक, महाभारत को आज के दर्शकों के लिए एक नए अंदाज में पेश करेगा। कहानी पांडवों और कौरवों के शुरुआती वर्षों पर केंद्रित होगी। इसमें उनके बचपन, रिश्तों, आपसी मतभेदों और उन अनुभवों को दिखाया जाएगा, जो आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और जीवन को आकार देने का माध्यम बने। यह पूरी कहानी हस्तिनापुर की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ेगी।

शो में सिर्फ बड़े और चर्चित प्रसंगों पर ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि उन मानवीय रिश्तों और भावनाओं को भी सामने लाया गया है, जो इन किरदारों के जीवन का हिस्सा रहे। भाईचारा, परिवार की उम्मीदें, परवरिश और जिंदगी में लिए गए फैसले किस तरह उनके जीवन को बदलते हैं, कहानी में इन सभी पहलुओं को जगह दी गई है। उनके बचपन और शुरुआती वर्षों पर फोकस करते हुए, यह कहानी बताती है कि आगे चलकर ये किरदार महाभारत के सुप्रसिद्ध वीर कैसे बने।

शो में इन पौराणिक किरदारों को अनुभवी कलाकार पर्दे पर उतारेंगे। पेनिनसुला पिक्चर्स द्वारा निर्मित इस शो में तोरल रासपुत्र- कुंती, अथर खान- युधिष्ठिर, सुभाष खत्री- भीम, उर्वा सावालिया- अर्जुन, हरित गबानी- नकुल, मयंक यादव- सहदेव, आयुध भानुशाली- दुर्योधन, शौर्य उपाध्याय- दुःशासन, जितेन लालवानी- द्रोणाचार्य, चंदन आनंद- शकुनि और मनीष वाधवा- भीष्म पितामह की भूमिका में नजर आएँगे। बड़े स्तर पर तैयार किए गए इस शो में भव्य सेट, शानदार कॉस्ट्यूम और बेहतरीन प्रोडक्शन डिजाइन के जरिए उस दौर की भव्यता को पर्दे पर उतारा गया है, जो शक्ति, सम्मान और नियति के लिए जाना जाता था।

अभिनेत्री तोरल रासपुत्र ने कहा, “कुंती का किरदार निभाना मेरे लिए बहुत खास अनुभव रहा है। कुंती को अक्सर एक मजबूत और शांत माँ के रूप में देखा जाता है, लेकिन मुझे उनके उस रूप को समझना ज्यादा दिलचस्प लगा, जो उनकी मजबूती का कारक है। उनके डर, त्याग और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर उनकी भावनाएँ बहुत कुछ बताती हैं। एक कलाकार के तौर पर उनके भीतर के संघर्ष और बाहर नजर आने वाली मजबूती, दोनों को साथ दिखाना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण रहा। दर्शक कुंती का ऐसा रूप देखेंगे, जो ज्यादा वास्तविक और अपनेपन वाला लगेगा। वे सिर्फ एक पौराणिक किरदार नहीं, बल्कि एक महिला, एक माँ और ऐसी शख्सियत हैं, जिनके फैसलों का इतिहास पर गहरा असर पड़ा।”

अभिनेता मनीष वाधवा ने कहा, “मेरा मानना है कि ‘हस्तिनापुर के वीर’ सिर्फ एक पौराणिक ड्रामा नहीं है। इसमें ऐसी सीख और मूल्य भी हैं, जो आज भी हमारे लिए मायने रखते हैं। माता-पिता के लिए यह शो याद दिलाता है कि वे अपने बच्चों को सबसे बड़ी चीज अच्छे संस्कार और मजबूत मूल्य दे सकते हैं। यह कहानी सिर्फ और सिर्फ सिखाने के बजाय खुद सोचने और समझने का मौका भी देती है। साथ ही, यह हमें खुद को और अपने बच्चों को एक नए नजरिए से देखने के लिए भी प्रेरित करती है।”

देखिए विरासत, साहस और नियति की कहानी ‘हस्तिनापुर के वीर’ 29 सितंबर से सोमवार से शनिवार रात 8 बजे सिर्फ सोनी पल पर।

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