GDA के नवनियुक्त अध्यक्ष व उपाध्यक्ष से MPCCI के प्रतिनिधि मण्डल ने की भेंट
ग्वालियर । ग्वालियर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मधुसूदन भदौरिया एवं उपाध्यक्षद्वय सुधीर गुप्ता व वेदप्रकाश शिवहरे से “म. प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री” के पदाधिकारियों ने भेंट कर जीडीए से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की माँग की ।प्रतिनिधि मण्डल में अध्यक्षडॉ. प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्षहेमन्त गुप्ता, मानसेवी सचिवदीपक अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष-संदीप नारायण अग्रवाल शामिल थे । पदाधिकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बिन्दु निम्नानुसार हैं :-
1. माधव प्लाजा : ‘माधव प्लाजा’ शहर की प्राइम लोकेशन पर स्थापित है, परन्तु हितग्राहियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि पूर्व में जीडीए के पास पर्यावरण विभाग की एनओसी नहीं होने से जीडीए द्वारा दुकानों की रजिस्ट्री नहीं की गई थीं । आज जब जीडीए के पास एनओसी है, तब जीडीए द्वारा हितग्राहियों से ब्याज की माँग की जा रही है, यह वास्तविक रूप से गलत है । चेम्बर द्वारा पूर्व में जीडीए एवं राज्य सरकार से इस ब्याज को हटाने की मांग की गई थी । इस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘चेम्बर भवन’ में ही ब्याज नहीं लेने की घोषणा की थी । बावजूद इसके जीडीए द्वारा ब्याज की माँग हितग्राहियों से की जा रही है । अभी तक प्राधिकरण में नियुक्ति नहीं होने से शासन स्तर पर इस बात को पहुँचाया गया है, लेकिन अब प्राधिकरण का गठन हो गया है । अतः प्राधिकरण स्तर पर ही यह निर्णय लिया जाना चाहिए । अतएव इस पर शीघ्रातिशीघ्र निर्णय लेकर, हितग्राहियों के नाम बगैर ब्याज के रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाए, ताकि यह कॉम्पलेक्स ग्वालियर का सबसे सफलतम व्यवसायिक कॉम्पलेक्स सिद्ध हो सके ।
2. नामांतरण : जीडीए में नामांतरण की प्रक्रिया काफी कठिन है । इसे पारदर्शी व ‘सिंगल विण्डो सिस्टम’ के माध्यम से एक तय समय-सीमा के अन्तर्गत पूर्ण किए जाने हेतु मैकेनिज्म तैयार किया जाए ।
3. आवक-जावक : हितग्राहियों सहित अन्य किसी भी प्रकार के प्राप्त पत्र पर उचित कार्यवाही की एक समय-सीमा निर्धारित की जाए और जीडीए को प्राप्त होने वाले सभी पत्रों का जवाब, संबंधित को अवश्य प्रेषित किए जाने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जो कि वर्तमान में नहीं है ।
4. फ्री-होल्ड प्रक्रिया का सरलीकरण : आवासीय कॉलोनियों की संपत्तियों के लीज-होल्ड से फ्री-होल्ड कराने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल और समय लेने वाली है । इसे ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के माध्यम से सुगम बनाया जाए । साथ ही, जिनके भूखण्डों को 30 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, उनके भूखण्डों को पुनः 30 वर्ष के लिए लीज-होल्ड न करते हुए सीधे फ्री-होल्ड किया जाए ।
5. नई व्यावसायिक एवं आवासीय योजनाएँ : शहर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए मध्यम वर्ग के लिए सस्ती और सुविधायुक्त नई व्यवसायिक व आवासीय योजनाओं की घोषणा की जाए, जिससे अवैध कॉलोनियों के विस्तार पर रोक लग सके ।
6. पार्कों का रखरखाव और सौंदर्यीकरण : जीडीए की कॉलोनियों में विकसित किए गए पार्क वर्तमान में बदहाली का शिकार हैं । इन्हें पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है ।
इस अवसर पर जीडीए के अध्यक्ष मधुसूदन भदौरिया सहित उपाध्यक्षद्वय सुधीर गुप्ता व वेदप्रकाश शिवहरे ने पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा ‘माधव प्लाजा’ व ‘नामांतरण’ के संबंध में जो सुझाव दिए गए हैं, उन पर शीघ्र ही समुचित कार्यवाही कर, हितग्राहियों को राहत पहुँचाई जाएगी । भेंट के दौरान जीडीए के सीईओ-श्री नरोत्तम भार्गव भी विशेष रूप से उपस्थित थे ।