गेंहू खरीदी मे की जा रही अनियमितताओं को लेकर किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया
*एक सप्ताह में मांगे पूरी नही हुई तो आंदोलन तेज होगा*
*संयुक्त किसान मोर्चा*
ग्वालियर ।
गेंहू खरीदी मे हो रही तमाम अनियमिताओ से आक्रोशित किसानों ने सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुँच कर किया, किसानों की मांग थी की सरकार और जिला प्रशासन किसानो के साथ भेद भाव कर रही है |
प्रदर्शन को संबोधित करते हुये संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा की भाजपा की राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की डॉ मोहन यादव की सरकार किसान विरोधी है, उन्होंने अपनी बात पुष्टि करते हुए कहा की यह वही मोहन यादव की सरकार है जिसने केंद्र सरकार को पत्र भेज कर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करने में असमर्थता जताई थी, किंतु किसानों के भारी विरोध के कारण सरकार अपने पत्र को वापिस तो ले लिया था लेकिन उसी किसान विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन कर रही है, 01 अप्रैल के बजाए 15 दिन बाद जाकर गेहूँ खरीदी शुरू की गई लेकिन सेटेलाइट सर्वे के नाम पर बड़ी संख्या मे किसानो का पंजीयन निरस्त कर दिया गया, फिर कलेक्टर ने कहा की फिर से सर्वे किया जायेगा, उसके बाद अमानक बताकर किसानो का गेंहू नही खरीदा जा रहा है, अब सभी किसानो का स्लाट बुक नही किया जा रहा है, जबकि 30 अप्रैल तक स्लाट बुकिंग का समय है, जिस हिला- हवाली से काम चल रहा है आधे किसानों की भी खरीदी नही हो पायेगी, मजबूरी मे किसान व्यापारियों को अपना गेहूँ खरीद रहे है और प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपये का नुकसान सहने को मजबूर हो रहे है, इससे बड़ा छलावा किसानों के साथ क्या हो सकता है |
सभा को किसान नेता अखिलेश यादव,तलविंदर सिंह, भारतीय किसान यूनियन के चौधरी ओम प्रकाश, भगवान सिंह गुर्जर, अ भा किसान सभा के अशोक पाठक, कौशल शर्मा एडवोकेट, पूरन सिंह राणा एडवोकेट, जितेंद्र आर्य, मालिक सिंह, राजवीर सिंह बघेल, राम किशन सिंह कुशवाह, जनपद सदस्य रसीद खान, तम्मना खान, सरदार महेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, फ़िदा हूसेन, अनवर खान, आनंद ठाकुर, अब्दुल शाहीद आदि मुख्य रूप से शामिल थे
प्रदर्शन के बाद तहसीलदार ज्ञापन लेने आये तो किसान नेताओं ने विरोध करते हुए कहा की कोई वरिष्ठ अधिकारी जो समस्याओं का समाधान करा सके उसी को ज्ञापन देंगे उसके बाद एस डी एम ने आकर ज्ञापन लिया और समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया |
संयुक्त किसान मोर्चा ने एक सप्ताह का समय देते हुए ऐलान किया है की अगर एक सप्ताह के अंदर मांगे नही मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जायेगा।