आईटीएम विवि ग्वालियर में टीवी व डिजिटल इंटरव्यू कौशल पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
- मीडिया छात्रों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण, बीबीसी हिंदी के सैयद मोहम्मद इरफान ने साझा किए अनुभव
- शब्दों की ताकत से बनता है प्रभावशाली इंटरव्यू: इरफान
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा सिने वर्स फिल्म क्लब के सहयोग से “टीवी एवं डिजिटल इंटरव्यू स्किल्स” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बीबीसी हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार सैयद मोहम्मद इरफान ने छात्रों को मीडिया उद्योग की बारीकियों से अवगत कराया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलते मीडिया परिदृश्य में इंटरव्यू की तकनीक, प्रस्तुति और व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना था, ताकि वे भविष्य में बेहतर पत्रकार और संचारक बन सकें।
कार्यशाला का शुभारंभ औपचारिक उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इरफान सर ने इंटरव्यू की मूल अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “एक अच्छा इंटरव्यू केवल प्रश्न पूछने तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह एक कला है जिसमें शब्दों के चयन, आवाज की स्पष्टता और भावनात्मक समझ का विशेष महत्व होता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि इंटरव्यू के दौरान प्रश्नों की संरचना और उनके पीछे की मंशा दर्शकों तक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अध्यक्षीय उद्बोधन के दौरान आईटीएम विवि ग्वालियर के कुलपति प्रो. योगेश उपाध्याय ने कहा कि “आज के डिजिटल युग में संचार कौशल का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करते हैं।” उन्होंने विभाग की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं, जो उन्हें पेशेवर जीवन में सफलता दिलाने में सहायक होता है।
कार्य्रकम में संयोजक और विभाग प्रमुख डॉ मनीष जैसल ने कहा कि विभाग के छात्र मीडिया से जुडी जिन तकनीकी जानकारियों कक्षाओं में पढ़ते हैं उन्हें ऐसी कार्यशालाओं में उन्हें व्यावहारिक सत्रों से प्रक्टिकल एक्सपोजर मिलता है
कार्यशाला के पहले दिन का फोकस इंटरव्यू की बुनियादी समझ और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर रहा। सत्र के दौरान छात्रों को टीवी और डिजिटल इंटरव्यू के प्रकारों के बारे में बताया गया। इसके साथ ही अच्छे और खराब इंटरव्यू के उदाहरणों के माध्यम से अंतर स्पष्ट किया गया। इस दौरान इंटरव्यू से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों जैसेकृडिजिटल मीडिया की भूमिका, सोशल मीडिया इंटरव्यू, लाइव इंटरव्यू की चुनौतियां, और दर्शकों की बदलती पसंदकृपर भी चर्चा की गई।
छात्रों को ग्रुप इंटरव्यू के प्रश्न तैयार करने का कार्य दिया गया, जिससे उनमें विषय की समझ विकसित हो सके। इसके बाद मॉक इंटरव्यू के माध्यम से उन्हें वास्तविक स्थिति का अनुभव कराया गया। प्रशिक्षकों और सहपाठियों द्वारा दिए गए फीडबैक ने छात्रों को अपनी कमियों को पहचानने और सुधारने का अवसर दिया।
दोपहर के सत्र में कैमरा, माइक्रोफोन और फ्रेमिंग की बारीकियों पर विशेष ध्यान दिया गया। छात्रों ने स्टूडियो सेटअप में ऑन-कैमरा इंटरव्यू रिकॉर्ड किए, जिससे उन्हें प्रस्तुति, बॉडी लैंग्वेज और वॉयस मॉड्यूलेशन की व्यावहारिक समझ मिली। छात्रों को यूट्यूब, रील्स और पॉडकास्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स के तैयार लिए इंटरव्यू करने की प्रक्रिया समझाई गई।
ग्रुप एक्टिविटी के माध्यम से छात्रों ने अपने-अपने डिजिटल इंटरव्यू फॉर्मेट तैयार किए और उन्हें प्रस्तुत किया। इसके बाद मोबाइल जर्नलिज्म (डवश्रव) पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों को मोबाइल फोन के जरिए इंटरव्यू शूट करने की तकनीक सिखाई गई। छात्रों ने स्वयं फील्ड में जाकर इंटरव्यू रिकॉर्ड किए और उन्हें प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्हें कंटेंट चयन, फ्रेमिंग, ऑडियो क्वालिटी और लाइटिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यशाला के समापन सत्र में छात्रों को संबोधित करते हुए विवि के डीएसडब्लू तृप्ति पाठक ने कहा कि एक पत्रकार को बेबाकी से अपने सवाल पूछने के साथ साथ अपने प्रश्नों को ड्राफ्ट अकर्ण भी सीखना चाहिए। यह किसी भी मीडिया छात्र की पहली शर्त है उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में पत्रकारिता केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है। बदलते मीडिया परिदृश्य में छात्रों को व्यावहारिक कौशल, तकनीकी दक्षता और प्रस्तुति क्षमता की आवश्यकता है।
कार्यशाला में प्रथम दिन का मंच संचालन नैंसी राजपूत तथा दूसरे दिन वंशिका चैहान ने किया। कार्यक्रम में विभाग के छात्र युवराज यादव ने छात्र संयोजक की भूमिका निभाई कार्यशाला में विभाग की प्राध्यापिका डॉ निधि भंडारी, सोनाली सिंह, अंकित कुमार, शैलेश मिश, पीयूष चौहान, करण माठे, आशीष गोस्वामी तथा विभाग के छात्र उपस्थित रहे।