चंद्रशिला पर्वत पर ट्रैकिंग के लिए रित्विका शर्मा के नेतृत्व मे 24 सदस्यों का दल रवाना
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित बेहद प्रसिद्ध पर्वत शिखर चंद्रशिला जिसकी ऊंचाई 12,110 फीट है इस पर्वत पर ट्रैकिंग के लिए 24 सदस्यों का दल अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोहण के अंतर्गत माउंट एवरेस्ट बेस कैंप और काला पत्थर शिखर पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली नेपाल के उपराष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत एडवेंचरपरी रित्विका शर्मा के नेतृत्व मे रवाना हुआ l
यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया कि ग्वालियर यूनिट के उपाध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि चंद्रशिला पर्वत शिखर के रास्ते में विश्व का सबसे ऊंचा शिव मंदिर तुंगनाथ पड़ता है, जो पंच केदारों में से एक है l चंद्रशिला पर्वत शिखर की चोटी से गढ़वाल हिमालय की कई प्रमुख चोटियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है, जिनमें नंदा देवी, चौखंभा, त्रिशूल, केदारनाथ, नीलकंठ और बंदरपूंछ शामिल हैं। एक मान्यता के अनुसार, चंद्रमा (चंद्रदेव) ने भी यहाँ कठोर तपस्या की थी, जिसके कारण इस स्थान का नाम 'चंद्रशिला' पर्वत पड़ा। चंद्रशिला पर्वत की चोटी पर एक छोटा सा मंदिर स्थित है जो गंगा देवी को समर्पित है। चंद्रशिला पर्वत से सूर्योदय का नजारा देखना सबसे अद्भुत अनुभव माना जाता है। इसके लिए ट्रैकर्स अक्सर तड़के 3:00-4:00 बजे चोपता से रवाना हो जाते हैं, यह ट्रैक 10 किलोमीटर का रहता है। दिसंबर से मार्च के दौरान यह पूरा इलाका बर्फ की मोटी चादर से ढक जाता है। उस समय ट्रैकिंग के लिए गाइड और स्नो-गियर की आवश्यकता होती है। इस दल कि लीडर अंतर्राष्ट्रीय पर्वतारोही रित्विका शर्मा मात्र 10 माह की उम्र में पहली बार स्विमिंग और हॉर्स राइडिंग के लिए और 2 साल 4 माह की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए पुरस्कृत प्रतिभा है।