दाता बंदी छोड़ दिवस: पुरानी छावनी पर 7 दिवसीय लंगर सेवा जारी,6 अक्टूबर को 4000 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
कल 7 अक्टूबर को अमृतसर से आ रही पैदल 'शब्द चौकी' का ग्वालियर में होगा भव्य स्वागत*
ग्वालियर। दाता बंदी छोड़ दिवस को समर्पित सात दिवसीय विशाल लंगर सेवा पुरानी छावनी स्थित 'दाता बंदी छोड़ द्वार' पर श्रद्धा और उत्साह के साथ निरंतर जारी है। 4 अक्टूबर से शुरू हुई यह सेवा प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक आयोजित की जा रही है।
इसी श्रृंखला में आज, 6 अक्टूबर को शहर की समस्त संगत एवं विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने पुरानी छावनी पहुँचकर लंगर सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज लगभग 4,000 श्रद्धालुओं (संगत) ने पूरे भावपूर्ण वातावरण और गहरी आस्था के साथ लंगर प्रसाद ग्रहण किया। सेवादारों ने अत्यंत श्रद्धा और सेवा भाव से सभी उपस्थितजनों की आवभगत की।
कल सुबह 5:00 बजे पहुंचेगी पैदल 'शब्द चौकी'
कार्यक्रम की अगली कड़ी में कल, 7 अक्टूबर को अमृतसर साहिब से पैदल चलकर आ रही पावन 'शब्द चौकी' सुबह 5:00 बजे दाता बंदी छोड़ द्वार पर पहुँचेगी। इस पावन यात्रा के स्वागत के लिए 'सिख फोरम ग्वालियर-चंबल संभाग' द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सिख फोरम द्वारा समस्त संगत, फोरम के सदस्यों एवं शहर की अन्य सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के गणमान्य व्यक्तियों से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे कल सुबह 5:00 बजे तक दाता बंदी छोड़ द्वार (पुरानी छावनी) पर पहुँचने की कृपा करें, ताकि आ रही पैदल शब्द चौकी यात्रा पर पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया जा सके और उन्हें लंगर प्रसाद ग्रहण कराया जा सके।
दोपहर को रोजाना की तरह जारी रहेगी लंगर सेवा
सुबह के स्वागत कार्यक्रम के पश्चात, दोपहर 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक रोजाना की तरह लंगर सेवा कल भी निरंतर चलेगी। सिख फोरम ने सभी सेवादारों, सदस्यों, संगत एवं शहर के गणमान्य व्यक्तियों से अपील की है कि सुबह के स्वागत समारोह के उपरांत दोपहर 11:00 बजे पुनः वहाँ पहुँचकर लंगर सेवा में अपना पूर्ण योगदान अवश्य दें।
सिख फोरम ग्वालियर-चंबल संभाग एवं समस्त सेवादारों ने शहरवासियों से विशेष अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में संगत रूप में पहुँचकर सेवा-सिमरन का हिस्सा बनें और दाता n चंबल संभाग
मध्य प्रदेश