जीवाजी क्लबः जल्दी चुनाव कराकर विवादों से मुक्त होना चाह रहे पदाधिकारी
- 20 दिसंबर को हो सकते हैं चुनाव
ग्वालियर। जीवाजी क्लब में चल रहा गड़बड़झाला कहीं गले की फांस न बन जाये इसीलिये जीवाजी क्लब के पदाधिकारी जल्दी चुनाव कराने के पक्ष में है। यह पदाधिकारी 11 अक्टूबर को होने वाली एजीएम में चुनाव की घोषणा कर सकते है और लगभग 20 दिसंबर को चुनाव भी कराने की तैयारी में है। कुल मिलाकर यह इसलिये जल्दी चुनाव कराये जा रहे है, ताकि क्लब के अंदर चल रही वित्तीय अनियमिततायें, निर्माण कार्यों की गड़बड़ और क्लब के गार्डनों के किराये को लेकर उठ रही बातें शांत की जा सकें। जबकि अमूमन दो साल वाले जीवाजी क्लब के चुनाव अभी तक एक साल तक आगे सरकाने की परंपरा रही हैं।
कुल मिलाकर जीवाजी क्लब में इन दिनों अंदरूनी गुटबाजी, पदाधिकारियों की स्वार्थपरक नीतियों के कारण जीवाजी क्लब के सदस्य बेहद नाराज हैं और क्लब के वर्तमान पदाधिकारियों को लेकर उनका आक्रोश फूटने लगा है। अब यह आक्रोश कब ज्वालामुखी बन जाये यह कहा नहीं जा सकता, लेकिन एजीएम के लिये सदस्य मुददे लिये बैठे हैं। इन मुददों में जीवाजी क्लब में खाना लूटे जाने की घटना, लावण्य शर्मा को बेवजह क्लब की सदस्यता से निलंबित किया जाना, जीवाजी क्लब में अनावश्यक खर्चें व बढ़ा चढ़ाकर पेश किये गये बिल, निर्माण कार्यों में भी निर्धारित से ज्यादा खर्चें आदि शामिल हो सकते हैं। वहीं बसंत शर्मा भूरा पंडित द्वारा जीवाजी क्लब के गार्डन नंबर तीन को निशुल्क दिये जो का मुददा भी गरमा सकता हैं। इसी के साथ जीवाजी क्लब में 36 करोड़ रूपये के डायवर्सन शुल्क का मुददा भी गहरा सकता है। विशेष बात यह है कि इन सारे मुददों को लेकर जीवाजी क्लब के अध्यक्ष से लेकर सचिव व सहसचिव पर उंगलियां उठ रही हैं, लेकिन फिर भी जीवाजी क्लब में मनमानी का दौर चल रहा है और पदाधिकारी क्लब की सत्ता का भरपूर राजसी वैभव भोग रहे है और अपनी मित्रमंडली को भी इस राजसी वैभव का उपयोग करा रहे हैं।
अध्यक्ष, सचिव पद छोड़ने की फिराक में
जीवाजी क्लब के अध्यक्ष व सचिव विभिन्न उठ रहे मुददों को लेकर 11 अक्टूबर की एजीएम में पद भी छोड़ सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वह पद छोड़कर विवादों से दूर होना चाहते है, ताकि उन पर उंगली न उठें। कई सदस्यों ने जीवाजी क्लब के निर्माण कार्यों व उन पर किये गये भुगतान की वास्तविक जानकारी भी मांगी हैं।