आईटीएम ग्वालियर में स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 का हुआ शुभारंभ,तिलक एवं पुष्प से हुआ नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का आत्मीय स्वागत
- तकनीकी दक्षता को मानवीय संवेदनशीलता से जोड़ना समय की आवश्यकता हैः यूएचवी एक्सपर्ट डाॅ. अर्जिता द्विवेदी
- उच्च शिक्षा में प्रवेश छात्र-छात्राओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैः डाॅ. एसएस चौहान
ग्वालियर । आईटीएम ग्वालियर (इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट ग्वालियर) में स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को संस्थान की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था से परिचित कराने के साथ उनके ज्ञान, कौशल, व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता एवं मानवीय मूल्यों का विकास करना है। इस प्रोग्राम में यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ (यूएचवी) पर आधारित सत्रों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें स्टूडेंट्स को मानवीय मूल्यों, करुणा, सहयोग और संतुलन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रोग्राम शुभारंभ अवसर पर यूएचवी विशेषज्ञ के रूप में अर्जिता द्विवेदी इस अवसर पर आईटीएम ग्वालियर के डीन अकेडमिक्स डाॅ. एसएस चौहान, डीन रिसर्च डाॅ. दीपेश भारद्वाज, डीन आईक्यूएसी डाॅ. राजीव सिंह राठौर, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव, डीएसडब्ल्यू नितिन दीक्षित, प्राॅक्टर डाॅ. ऋषि सोनी, एसोसिएट डीन अकेडमिक्स डाॅ. प्रीति सिंह, डाॅ. मनोज मिश्रा, फस्र्ट ईयर कोआर्डिनेटर और यूएचवी सेल कोआर्डिनेटर अमित जैन सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, डीन, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और बड़ी संख्या में बीटेक, बीबीए, बीसीए, एमबीए, एमसीए एवं एमटेक के नवप्रवेशित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
तिलक एवं पुष्प से हुआ नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का आत्मीय स्वागत
आईटीएम ग्वालियर में स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। अतिथियों एवं स्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मां सरस्वती का पूजन-अर्चन कर ज्ञान, विवेक, सकरात्मक उर्जा की कामना की। दीप प्रज्वलन के साथ ही आयोजन में आध्यात्मिक एवं सकारात्मक वातावरण का संचार हुआ। इसके साथ ही संस्थान में पहुंचे सभी नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप माथे पर तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। स्वागत की इस परंपरा ने छात्र-छात्राओं को संस्थान के साथ अपनत्व एवं सकारात्मक जुड़ाव का अनुभव कराया। छात्र-छात्राओं में प्रोग्राम को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
तकनीकी दक्षता को मानवीय संवेदनशीलता से जोड़ना समय की आवश्यकता हैः यूएचवी एक्सपर्ट डाॅ. अर्जिता द्विवेदी
आईटीएम ग्वालियर में स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 में यूएचवी एक्सपर्ट डाॅ. अर्जिता द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं को यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज (यूएचवी) की अवधारणा से परिचित कराते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और विवेकशील इंसान बनना भी है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को आत्म-अन्वेषण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह समझने की आवश्यकता है कि वह जीवन में वास्तव में क्या चाहता है और उसकी प्राथमिकताएं क्या हैं। उन्होंने स्वयं के साथ संबंध, परिवार एवं समाज के साथ संबंध तथा प्रकृति के साथ संतुलित संबंध के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। डॉ. अर्जिता द्विवेदी ने कहा कि आज के तकनीकी युग में छात्र-छात्राएं अत्याधुनिक तकनीकों का ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी दक्षता को मानवीय संवेदनशीलता से जोड़ना समय की आवश्यकता है। ज्ञान और तकनीक का उपयोग मानव कल्याण एवं समाज के हित में किया जाए, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सकारात्मक सोच, आपसी सम्मान, सहयोग, विश्वास, जिम्मेदारी और संतुलित जीवन को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक छात्र के लिए सफल प्रोफेशनल बनने के साथ-साथ एक अच्छा इंसान बनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उच्च शिक्षा में प्रवेश छात्र-छात्राओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैः डाॅ. एसएस चौहान
स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के शुभारंभ अवसर पर आईटीएम ग्वालियर के डीन अकेडमिक्स डाॅ. एसएस चैहान ने कहा कि उच्च शिक्षा में प्रवेश छात्र-छात्राओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। कॉलेज जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह स्वयं की क्षमताओं को पहचानने, नए कौशल सीखने और भविष्य को सही दिशा देने का अवसर है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अनुशासन, नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छात्र-छात्राओं को अपने विषय के ज्ञान के साथ कम्युनिकेशन स्किल, टीम वर्क, समस्या समाधान, नेतृत्व क्षमता और डिजिटल दक्षता भी विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को संस्थान की विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल, क्लब, शोध एवं नवाचार गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अकादमिक उत्कृष्टता के साथ अच्छे संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना ही शिक्षा को सार्थक बनाती है।
इसी क्रम में डीन रिसर्च डॉ. दीपेश भारद्वाज ने छात्र-छात्राओं को शोध एवं नवाचार के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति ही नए विचारों एवं समाधान को जन्म देती है।
वहीं डीन आईक्यूएसी डॉ. राजीव सिंह राठौड़ ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं निरंतर सुधार के महत्व पर प्रकाश डाला।
डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था एवं अनुशासन से परिचित कराया और जिम्मेदार विद्यार्थी बनने का संदेश दिया।
डीएसडब्ल्यू नितिन दीक्षित ने छात्र कल्याण, क्लब, खेल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि इन गतिविधियों से छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है।
प्रोग्राम में मंच संचालन यूएचवी सेल कोर्डिनेटर अमित जैन द्वारा किया गया। उन्होंने प्रभावी एवं रोचक मंच संचालन के माध्यम से कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया तथा विद्यार्थियों को विभिन्न सत्रों से जोड़े रखा। प्रोग्राम में बीटेक, बीबीए, बीसीए, एमबीए एवं एमटेक के नवप्रवेशित विद्यार्थी शामिल हुए। एसआईपी के दौरान विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता, कौशल एवं व्यक्तित्व विकास, इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप, क्लब एवं गतिविधियों, कैंपस लाइफ तथा मानव मूल्यों से संबंधित विभिन्न सत्रों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।