शराब कारोबारी से लूट करने वाले बदमाश दबोचे, 20 लाख से ज्यादा की नगदी बरामद
एसएसपी धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में ग्वालियर पुलिस का ऑपरेशन स्विफ्ट 48 सफल हुआ
- आईजी सक्सैना ने ग्वालियर पुलिस की टीम को 30 हजार रूपये के इनाम की घोषणा की
ग्वालियर। शहर में दो दिन पहले शराब कारोबारी के मुनीम के साथ हुई लाखों रूपये की लूट की सनसनीखेज घटना को एसएसपी धर्मवीर सिंह की टीम ने बेहतरीन काम करते हुये मात्र 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। इतने कम समय में सभी आरोपियों को गिरफ्तार करते हुये लूटी गई रकम भी बरामद कर ली है। आरोपियों के पास से अवैध हथियार, एक मोटर साइकिल व कार भी बरामद की गई है। वहीं लूट की 20 लाख 35 हजार रूपये की रकम भी बरामद कर ली है।
पत्रकारवार्ता में एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह शराब कारोबारी का मुनीम चंदन नगर अपने आफिस से शब्दप्रताप आश्रम यूनियन बैंक में नगदी से भरा थैला लेकर रूपया जमा करने जा रहा था। तभी चामुण्डा माता मंदिर के पास बाइक सवार बदमाशों ने मुनीम से बैग छीन लिया। सभी बदमाश मुंह बांधे हुये थे। पुलिस ने शहर के बाहर के रास्तों पर लगे 300 से अधिक सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज चैक किये इनका तकनीकी ढंग से मिलान किया गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंच गये थे। आईजी श्री सक्सैना, डीआईजी श्री सांघी भी मौके पर पहुंचे थे। आरोपियों की धरपकड़ के लिये ग्वालियर पुलिस के तेज अधिकारियों की आधा दर्जन टीमें बनाई गई थी। इनकी मानीटरिंग एसएसपी श्री सिंह खुद कर रहे थे। सभी 300 से अधिक सीसीटीव्ही कैमरों के फुटेज मिलान में बदमाशों द्वारा उपयोग की गई बाइक का नंबर मिल गया। यह बाइक मुरैना की तरफ नूराबाद तक देखी गई। यहां से लुटेरे अपने साथी विजय कंषाना की टोयोटा ग्लेंजा कार से भागे थे। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुये एसएसपी धर्मवीर सिंह के कुशल नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों की सभी छह टीमों ने 48 घंटे लगातार काम करते हुये बदमाशों को धर पकड़ा। बदमाशों के पास से एक मोटरसाइकल व टोयोटा ग्लैंजा कार तथा लूटी गई रकम में से 20 लाख रूपये से अधिक की रकम को जप्त किया गया है। आईजी ग्वालियर अरविंद सक्सैना, डीआईजी अमित सांघी ने ग्वालियर पुलिस की इस सफलता के लिये एसएसपी श्री सिंह की पूरी टीम को 30 हजार रूपये के इनाम की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह शानदार सफलता है।
पुलिस की छह टीमों ने दिलाई सफलता
गठित पुलिस टीमों का नेतृत्व अति. पुलिस अधीक्षक श्रीकृष्ण लालचंदानी द्वारा किया जा रहा था, इन टीमों को अलग-अलग दायित्व दिये गये, सीएसपी नागेंद्र सिकरवार, कृष्णपाल सिंह, मनीष यादव, शेखर दुबे, थाना प्रभारी जितेंद्र तोमर, निरी. डॉ. संतोष यादव, अमित शर्मा, मिर्जा आसिफ बेग, उप निरी. महावीर सिंह, देवेन्द्र लोधी, शिवम राजावत, मनोज परमार, रमाकांत उपाध्याय, रजनी रघुवंशी, विश्ववीर जाट अभियान में जुड़ी थी।
इस तरह मिली सफलता
विशेष अभियान में सम्मिलित टीमों के द्वारा तत्काल बाद मौके पर पहुंचकर बहोड़ापुर से मुरैना, बहोडापुर से मालनपुर, बहोडापुर से झांसी और ग्वालियर शहर के हजारों की संख्या में लगभग 300 से अधिक सीसीटीव्ही कैमरों के डाटा का एनालिसिस किया गया, सीसीटीव्ही के डेटा में घटना में प्रयुक्त मोटर साइकल का नम्बर एमपी06एमडब्ल्यू 6583 की जानकारी मिली। शहर के सभी थाना क्षेत्रों में लगाई गई सर्चिंग अभियान में पता लगा कि उक्त मोटर साइकिल जलालपुर पेट्रोल पम्प पर खड़ी है, पुलिस द्वारा उक्त मोटर साइकिल को कब्जे में लिया गया, नम्बर प्लेट क्रमांक एमपी06एमडब्लू 6583 की जांच की गई तो पता चला कि उक्त मोटर साइकिल की नम्बर प्लेट किसी अन्य वाहन की पाई गई है, जो संदिग्ध होने से तस्दीक की जा रही है। दो आरोपियों के परिजन पार्षद व सरपंच बताये गये है।
एक ही गांव के निकले आरोपी, बाइक छोड़ कार से भागे
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि घटना में जो तीन व्यक्ति मोटर साइकल से घटनास्थल पर देखे गये थे वे आरोपी मोटर साइकल से मुरैना की तरफ जाने वाली बस में फरार हुए हैं। पुलिस द्वारा तत्काल नाकाबंदी की गई, टेकरी के आसपास उनकी गतिविधियां संज्ञान में आई पुलिस की टीमों द्वारा रातभर उनकी घेराबंदी की गई। सीसीटीव्ही फुटेज से प्राप्त संदिग्धों का फोटो पुलिस द्वारा आसपास के जिलों में तथा मुखबिरों को प्रसारित करने पर स्पष्ट हुआ कि घटनास्थल पर जो व्यक्ति मोटरसाइकल चला रहा था वह व्यक्ति दीपक कुशवाह निवासी ग्राम करूआ थाना नूराबाद जिला मुरैना तथा बीच में बैठा व्यक्ति विकास गुर्जर उर्फ विकास विधूडी ग्राम करूआ थाना नूराबाद क्षेत्र का रहने वाला था तथा पीछे बैठा व्यक्ति विजय कंषाना उर्फ पपला ग्राम करूआ थाना नूराबाद एवं टेकरी पर मौजूद टोयोटा ग्लैंजा कार से आरोपियों को भगाकर ले जाने वाले की राहुल गुर्जर के रूप में शिनाख्त की गई। शराब व्यवसायी के घर के पास रहने वाला शिवम कुशवाह युवक जिसने शराब की दुकान पर पहले काम किया था, और संदिग्ध अचारण के कारण नौकरी से हटाया गया था, वह भी इस घटना में प्रमुख षडयंत्रकारी के रूप में शामिल है।