रक्षाबंधन 9 अगस्त को, खरीदारों से गुलजार हुए ग्वालियर के बाजार
- कैमरा और डिजाइनर राखियां बनी पहली पसंद
ग्वालियर। भाई-बहन के प्यार का प्रतीक त्यौहार रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जायेगा। रक्षाबंधन के एक दिन पूर्व बाजारों में रौनक देखी गई। बाजारों में भाइयों के लिए राखी खरीदने के लिये बड़ी संख्या में महिलायें निकली। वहीं युवक बहनों को रंग-बिरंगी राखियां, थीम बेस राखियां पसंद आई। बच्चों कह कैमरा-पंखा, लाइटिंग और म्यूजिकल राखी ज्यादा पसंदीदा रही। खरीदारों की भीड़ से बाजार गुलजार देखा गया और व्यापारियों के चेहरे खिले हुए थे। बाजार में सबसे ज्यादा डिमांड डिजाइनर व पैकेज वाली राखियों की रही।
शनिवार 9 अगस्त को रक्षाबंधन का त्यौहार है। रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुये शुक्रवार को बाजारों में राखी की मांग बढ़ गई। शहर के महाराज बाड़ा, दौलतगंज, सराफा बाजार, किलागेट व मुरार के सदर बाजार में जगह-जगह राखी के बाजार सजे हुये थे। बाजारों में राखी की रौनक आसानी से देखी गई। बाजारों में पहुंचने वाली ज्यादातर महिलाएं रही। पिछले साल तक जो राखियां 35 से 40 रुपए की मिल रही थीं वही अब 40 से 45 रुपए के बीच बेची गई। इसके साथ ही सादा राखी की अपेक्षा डिजाइनर राखियों की मांग भी ज्यादा रही। जैसे बच्चों के लिए कार्टून फीचर वाली राखियां, बड़ों के लिए थीम बेस राखियां प्रमुख रूप से डिमांड में रही। इस साल एक राखी का नया पैकेज आया जिसमें भैया भाभी और भतीजे की राखी शामिल थी। महिला और बच्चों की कई डिजाइनर राखियां भी पसंद बनी।
घर पहुंचने यात्रियों की भीड़ उमड़ी स्टेशन पर
रक्षाबंधन का त्योहार शनिवार को है। ऐसे में घर पहुंचने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ ग्वालियर रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर उमड़ी। स्थिति यह रही कि स्टेशन पर पैदल चलने तक की जगह नहीं बची थी। सुपर फास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों के एसी और रिजर्वेशन कोच भी जनरल बोगी जैसे दिख रहे थे। एसी और रिजर्वेशन कोच में यात्रियों को खड़े होकर और जनरल बोगियों में गेट पर लटककर सफर करना पड़ा। यही हालत रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर देखी गई। पिछले तीन दिनों में ग्वालियर में यात्रियों की संख्या 50 हजार से एक लाख तक बढ़ गई है। रक्षाबंधन के कारण भाई-बहन अपने घर जा रहे हैं। यात्रियों की भीड़ से गुरुवार और शुक्रवार को ट्रेनें और बसें पूरी तरह भर गई। स्टेशन के प्लेटफॉर्म खचाखच भरे नजर आए। ट्रेन पकड़ने के लिए लोगों के बीच दिनभर धक्का-मुक्की होती रही। जनरल कोच के कई यात्री स्लीपर कोचों में घुस गए और खड़े होकर यात्रा करने लगे। इससे स्लीपर के यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए आरपीएफ के जवान स्टेशन पर व्यस्त रहे। हालांकि रेलवे ने रक्षाबंधन पर स्पेशल रेलें भी चलाई है।