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धरोहर हैरिटेज फेस्टिवल में सिंधिया कन्या विद्यालय विजयी रहा

श्रीमंत माधवराव सिंधिया ‘धरोहर’ हैरिटेज फेस्टिवल का भव्य समापन हुआ। यह महोत्सव महारानी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया की दूरदर्शी सोच और सांस्कृतिक समर्पण का प्रतीक है, जो भारत की विरासत के संरक्षण को दर्शाता है। इस वर्ष इस उत्सव की थीम पारसी धरोहर है। इस अवसर पर हमारी बोर्ड ऑफ़ गवर्नर की अध्यक्षा महारानी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती निशि मिश्रा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात पुरातत्वविद् एवं खाद्य मानवविज्ञानी माननीय डॉ. कुरुश दलाल* उपस्थित रहे, अतिथि के रूप में सुश्री रिया दलाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री यज़्दी करांजिया ने* कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। निर्णायक मंडल के रूप में नवकाश एवं सुश्री कैनाज पारदीवाला हाथीराम  उपस्थित थी। कार्यक्रम की कोऑर्डिनेटर श्रीमती शिवांगी सहाय हैं। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से लगभग 210 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इसमें मेजबान विद्यालय सिंधिया कन्या विद्यालय सहित 13 विद्यालय उपस्थित थे।
 हमारी बोर्ड ऑफ़ गवर्नर की अध्यक्षा महारानी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया, विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती निशि मिश्रा, मुख्य अतिथि माननीय डॉ. कुरुश दलाल, अतिथि सुश्री रिया दलाल एवं विशिष्ट अतिथि श्री यज़्दी करांजिया* द्वारा निर्णायकगण एवं विभिन्न विद्यालयों से आए एस्कॉर्ट्स को स्मृतिचिन्ह प्रदान किए गए तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार वितरित किए गए। *विजेता विद्यालय सिंधिया कन्या विद्यालय रहा परन्तु मेजवान टीम होने के कारण रनर अप टीम राजमाता कृष्ण कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जोधपुर को ट्रॉफी प्रदान की गयी ।* *श्रुति चतुर्वेदी* द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
 प्रातः कालीन सत्र में ‘ *दास्तान -ए- शाहनामा* (एपिक स्टोरीज़ इन मोशन)’ प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें महाकाव्य “ *शाहनामा* ” की किसी भी एक कहानी को *फ्रीस्टाइल नृत्य* के माध्यम से प्रस्तुत करना था और प्रत्येक विद्यालय से 6–8 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में *सिंधिया कन्या विद्यालय से सिद्धि बड़ोनिया, मेहर कौर, आन्या पिल्लई, निहारिका बोस, विधि पाटीदार, ध्रुवी और विदुषी भरद्वाज ने सोहराब और गोरदाफरीद की कथा प्रस्तुत की थी,* जो फिरदौसी द्वारा रचित शाहनामा का एक प्रसिद्ध प्रसंग था; इसमें गोरदाफरीद एक वीर महिला योद्धा के रूप में अपनी बुद्धिमत्ता से युद्ध के बाद सुरक्षित लौट आई थीं, जबकि सोहराब रुस्तम का पुत्र था । यह कथा साहस और नारी शक्ति का प्रतीक थी। *सनबीम स्कूल, लहरतारा ने ज़ाल और सीमूर्ग की कहानी प्रस्तुत की थी,* जिसमें परित्यक्त ज़ाल का पालन-पोषण सीमूर्ग द्वारा किया गया था, जो करुणा और संरक्षण का संदेश देती थी। इसके अतिरिक्त, *सनबीम* *स्कूल, मुग़लसराय ने ‘शाहनामा , फाइट ऑफ़ किंग ज़हहाक* (सर्पेंट किंग)’ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी थी। *हेरिटेज गर्ल्स स्कूल, उदयपुर ने ‘ज़हहाक: द सर्पेंट किंग’ की प्रस्तुति दी थी,* जो एक अत्याचारी राजा की कथा के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की विजय को दर्शाती थी। *दिल्ली पब्लिक स्कूल, पठानकोट ने जमशीद और ज़हहाक की कथा प्रस्तुत की थी,* जिसमें न्यायप्रिय राजा जमशीद का अहंकार उसके पतन का कारण बना था और ज़हहाक का अत्याचारी शासन स्थापित हुआ था, जो अंततः न्याय की विजय का संदेश देता था। *वहीं, द संस्कार वैली स्कूल, भोपाल ने रुस्तम और सोहराब की मार्मिक कथा प्रस्तुत की थी,* जिसमें पिता-पुत्र एक-दूसरे को पहचाने बिना युद्ध करते हैं और अंततः सोहराब की मृत्यु हो गई थी—यह प्रसंग भाग्य, अज्ञानता और पारिवारिक त्रासदी का प्रतीक था। 
माननीय कुरुश दलाल द्वारा पारसी पुरातत्व पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। तत्पश्चात ‘ *मेहरंगना* ’ नामक सांस्कृतिक रंगमंचीय कार्यक्रम की भव्य प्रस्तुति विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा की गई। इस कार्यक्रम में पारसी संस्कृति, इतिहास और योगदान को दर्शाते हुए लगभग दो मिनट के नाट्य अंश प्रस्तुत किए गए, जिन्हें एक सूत्र में पिरोकर संयुक्त मंचीय रूप दिया गया। इसमें “ *अच्छे विचार, अच्छे शब्द, अच्छे कर्म” तथा “वसुधैव कुटुम्बकम”* जैसे मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया। विद्यालय के कमला भवन में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों द्वारा प्रतियोगिताओं में बनाई गई कलाकृतियाँ जैसे पेंटिंग, स्कल्पचर, एम्ब्रॉयडरी, संकल्प एवं संकल्पना आदि प्रदर्शित की गईं। तत्पश्चात सभी विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने संग्रहालय (म्यूज़ियम) का भ्रमण किया। 

 *पुरस्कार  वितरण* 
 *विजेता विद्यालय सिंधिया कन्या विद्यालय रहा परन्तु मेजवान टीम होने के कारण रनर अप टीम राजमत कृष्ण कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल, जोधपुर को ट्रॉफी प्रदान* की गयी ।
 *1. शीशा पर चित्रकम (ग्लास पेंटिंग)* 
 *प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय
द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)-  राजकुमार कॉलेज, राजकोट
तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- सनबीम  स्कूल, मुग़लसराय

 *2. उभार शिल्प (पारसी आर्ट रिलीफ़ स्कल्पचर)* 
 प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)- विद्या देवी जिंदल  स्कूल , हिसार
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- द संस्कार वैली स्कूल, भोपाल

 *3. उद्यम अताश (फायर ऑफ़ एंटरप्राइज)* 
 प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)- राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स' पब्लिक स्कूल, जोधपुर
तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- धीरूभाई  अम्बानी इंटरनेशनल  स्कूल, मुंबई

 *4. पारसी रसोई (पारसी क्यूज़ीन))* 
प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)-  बिरला  पब्लिक  स्कूल, पिलानी
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- द सिंधिया  स्कूल, ग्वालियर  एवं हेरिटेज  गर्ल्स स्कूल, उदयपुर

 *5. पारसी गारा कढ़ाई (एम्ब्रायडरी)* 
प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)- विद्या देवी जिंदल  स्कूल , हिसार
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- सनबीम स्कूल,  वरुणा,

 *6. इलस्ट्रेटेड गहबर (इ-पोस्टर)* 
प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- विद्या देवी जिंदल  स्कूल , हिसार
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- सनबीम  स्कूल, मुग़लसराय एवं बिरला बालिका विद्यापीठ, पिलानी

 *7. द क्रॉनिकल ऑफ़ आतश बेहराम (इ - इनफार्मेशन ब्रोशर)* 
 प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- सनबीम  स्कूल, मुग़लसराय
द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)- विद्या देवी जिंदल  स्कूल , हिसार
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- द संस्कार वैली स्कूल, भोपाल

 *8. नाटक (पारसी  थियेटर)* 
 प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स' पब्लिक स्कूल, जोधपुर
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)- द संस्कार वैली स्कूल, भोपाल
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय

 *9. मुनाजात (डिवोशनल सॉन्ग)* 
 प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स' पब्लिक स्कूल, जोधपुर
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)-  द सिंधिया  स्कूल, ग्वालियर
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय एवं धीरूभाई  अम्बानी इंटरनेशनल  स्कूल, मुंबई

10. *दास्तान-ए-शाहनामा: (एपिक स्टोरीज़ इन मोशन)* 
प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स' पब्लिक स्कूल, जोधपुर
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- सनबीम  स्कूल, मुग़लसराय

 *11. चॉक-नु-पोरू (पारसी रंगोली)* 
 प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- सिंधिया कन्या विद्यालय
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)-  द सिंधिया  स्कूल, ग्वालियर
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स' पब्लिक स्कूल, जोधपुर एवं दिल्ली  पब्लिक  स्कूल, पठानकोट

12. *नक्शबंद (स्टोरीटेलिंग)* 
प्रथम पुरूस्कार (स्वर्ण पदक)- राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स' पब्लिक स्कूल, जोधपुर
 द्वितीय पुरूस्कार (रजत पदक)- , बिरला  पब्लिक  स्कूल, पिलानी
 तृतीया पुरूस्कार (कांस्य पदक)- सनबीम  स्कूल, मुग़लसराय एवं सनबीम स्कूल, लहरतारा**

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