BREAKING!
  • झाँसी मंडल स्वच्छता पखवाड़ा–2021 का आयोजन
  • गृह मंत्री डॉ. मिश्र का भ्रमण कार्यक्रम
  • सड़कों की पेंच रिपेयरिंग के साथ-साथ स्ट्रीट लाईट संधारण का कार्य भी प्राथमिकता से किया जाए
  • जेपी हॉस्पीटल नोएडा ने एप्पल हॉस्पीटल ग्वालियर के साथ शुरू की किडनी, लीवर ओपीडी
  • राजयोग से मन की शांति संभव-बी.के.भगवान भाई
  • अशोक अर्गल को मिल सकती है राज्यसभा उम्मीदवारी
  • एसपी स्पेशल ब्रांच योगेश्वर शर्मा ने की गणेश जी की आरती
  • श्री खाटू श्याम प्रभु का संकीर्तन आज
  • सकारात्मक विचारों से तनाव मुक्त संभव - बी.के. भगवान भाई
  • कर्तव्य पथ पर अविचल कर्मयोगी हैं मोदी जी - शिवराज सिंह चौहान

Sandhyadesh

ताका-झांकी

क्या यूपी में उपयोग होगा बजरंगी दादा का ....?

04-Jul-21 614
Sandhyadesh

भाजपा में भविष्य में अंचल और प्रदेश में बजरंगी दादा को फिर कोई बडा बजूद मिल सकता है। जिस हिसाब से बजरंगी दादा के यहां भाजपा के दिग्गज नेताओं ने आवा-जाही की है और स्वयं ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके यहां पहली बार पहुंचे हैं, उससे राजनैतिक प्रेक्षक यह अनुमान लगा रहे हैं कि बजरंगी दादा के राजनैतिक सितारे इन दिनों उफान पर हैं। इससे पूर्व केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी उनके यहां पहुंच चुके हैं।
हालांकि बजरंगी दादा इन दिनों महाराष्ट्र में भाजपा के सह प्रभारी के रूप में अपना झंडा बुलंद किये हुये हैं और उन्होंने वहां पार्टी जनों में नई जान भी फूंकी है। वहां बिखरे पडे कार्यकर्ता बजरंगी दादा के नेतृत्व में एकजुट हुये हैं।
लेकिन बजरंगी दादा का क्रेज उत्तर भारत में राममंदिर आंदोलन के कारण सर्वाधिक है, अभी बजरंगी दादा को देखने सुनने के लिये भारी भीड भी जमा होती है। इसीलिये ऐसी संभावना बन रही है कि बजरंगी दादा को अब उत्तर प्रदेश चुनावों के लिये लगाया जायेगा। ताकि वह ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं का रूझान पार्टी की ओर कर सकें। पार्टी का ऐसा सोच है कि यूपी में अखिलेश यादव की सपा और मायावती की बसपा शैली की काट के लिये बजरंगी दादा रामवाण हो सकते हैं। 

Popular Posts