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Sandhyadesh

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नोटप्रकाश ने बुकिंग के पैसे खाये,अब परिवहन में कर्मचारी हैं परेशान

02-Jul-20 634
Sandhyadesh

मध्यप्रदेश के परिवहन विभाग में अब स्थानांन्तरण और मनचाही पोस्टिंग के नाम पर बुकिंग कर पदस्थापना नहीं कराने को लेकर अब नोट प्रकाश फंस गये हैं। वह अब अपने ही विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से परेशान हैं और अब उनके मोबाइल तक उठाना नोट प्रकाश ने बंद कर दिया है। वहीं नोटप्रकाश के पास बुकिंग कराने वाले अब अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, और नोटप्रकाश और उनके अटैची मैन अशोक सम्राट अपने ही विभाग के लोगों से मुंह छिपा रहे हैं। 
ज्ञातव्य है कि परिवहन विभाग में जुलाई आते आते स्थानान्तरण और मनचाही पोस्टिंग का खेल चलता है। वैसे रोस्टर के अनुसार आरटीओ , आरटीआई , नाका प्रभारी बदलते रहते हैं। लेकिन इन लोगों की पोस्टिंग का खेल नोटप्रकाश के हाथ में हैं और किसको कहां फिट करना है यह काम नोटप्रकाश ही करते हैं क्योंकि इसी काम के लिये उन्हें भारी भरकम रकम मिलती है। इसी रकम से वह कई स्थानों पर बेनामी संपत्ति खरीद चुके हैं और अब वह फिर से और संपत्ति खरीदने के फेर में हंैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि नोटप्रकाश बेनामी कालेज से लेकर कई और धंधों का संचालक है और वह भी बेनामी। क्योंकि यदि वह अपनी संपत्ति को लोगों के सामने रखते हैं तो लोकायुक्त से लेकर ईओडब्ल्यू विभाग भी उनकी शिकायतों पर नजर गढाये हैं। बताया जाता है कि इस वर्ष नोटप्रकाश ने अपने कुलैथ स्थित फार्म पर परिवहन विभाग के अधिकारियों की एक पार्टी की थी। जिसमें क्या क्या हुआ यह तो विभाग वाले ही बता पायेंगे लेकिन इस फार्म हाउस पर वह अपने बॉस को ले जाकर उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास जरूर किया था।  इससे पहले भी नोटप्रकाश अपने घर में स्वीमिंग पूल बनाने के नाम पर सुर्खियां बटोर चुके है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी की टीम जब जांच करने गई तो उन्होंने अपना स्वीमिंग पूल को शिकायतों के चलते बंद करा दिया था। उनके बच्चे भी बिना विभागीय परमीशन के विदेश में पढ रहे हैं। 
उधर अब नया मामला ट्रांसफर और मलाई वाली जगह पर पोस्टिंग का सामने आया है। आरटीओ , आरटीआई, नाका प्रभारी की ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर नोटप्रकाश ने कई अधिकारियों और कुछ हेडकांस्टबल जिन्हें नाका प्रभारी बनाया जाना है से बुकिंग कर पांच से दस लाख तक मंगा लिये। पैसे उनके अटैची सम्राट अशोक के पास पहुंच गये। लेकिन अब जब ट्रांसफर और पोस्टिंग मनचाही जगहों पर नहीं हुई तो वह अपने पैसों का हिसाब मांगने नोटप्रकाश के पास पहुंच गये। अब इसे लेकर नोटप्रकाश ने अपना मोबाइल बदल लिया। वहीं उनके अटैची अशोक सम्राट जो किसी से कम नहीं है वह भी अपने ही विभाग से बच रहे हैं। अब देखना है नोटप्रकाश अपने ही विभाग से कैसे निबटेंगे और वह क्या करके पैसे लौटायेंगे या फिर उन्हें कुछ लोगों के रिटायर होने के बाद वहां एडजस्ट करने का आश्वासन देंगे इसका इंतजार रहेगा। वहीं कुमार साहब भी कब इन पर कार्रवाई करेंगे, इंतजार रहेगा। 

2020-08-11aaj