BREAKING!
  • कोरोना की इस महामारी में ये मोदी - शिवराज सरकार राहत नहीं आफत लायी है : मितेंद्र दर्शन सिंह
  • एक्ट्रेस रेखा का बंगला हुआ सील
  • MPCCI पदाधिकारी प्रतिनधिमण्डल ने CM शिवराज से की मुलाकात
  • ठाठीपुर चौराहा पर कांग्रेस कमेटी आईटी सेल के जिला अध्यक्ष ने धरना दिया
  • यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे के दो साथियों को ग्वालियर से उठाया
  • राज्य मंत्री भदौरिया ने माधवराव सिंधिया की प्रतिमा पर श्रृद्धा-सुमन अर्पित किए
  • स्मार्ट सिटी परियोजना से शहरवासियों को जोड़ा जाए: सांसद शेजवलकर
  • मुख्यमंत्री चौहान आज ग्वालियर व मुरैना प्रवास पर रहेंगे
  • सेवापथ की ओर बढ़ते सिंधिया समर्थकों के काफिले.......!
  • थाना स्तर पर व्यापारिक समितियां बनायेगा कैट : भूपेन्द्र जैन

Sandhyadesh

आज की खबर

रेत की लूट का कम्पन

03-Jun-20 33
Sandhyadesh

(एन के त्रिपाठी)
         पूरे भारत में और विश्व के अधिकांश भागों में  प्राकृतिक सम्पदा की खुली लूट होती है। रेत, कोयला,पत्थर,खनिज,लकड़ी और ( UPA II मे स्पेक्ट्रम ) की धड़ल्ले से लूट होती  है।भिंड ज़िले में सम्पदा के नाम पर लूटने के लिए केवल रेत है। वहाँ इसकी लूट होती थी और हो रही है। यह भी स्पष्ट है कि रेत लुटेरों का माफ़िया बिना राजनीतिक और सरकारी संरक्षण के नहीं चल सकता है।इस लिए सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों को इसका पूरा लाभ मिलता है। क्योंकि सभी दल सत्तारूढ़ रह चुके हैं इसलिए वे सब इस खेल को समझते हैं और अपनी बारी का इंतज़ार करते हैं। एक सम्मानित समाचारपत्र ने लिखा है कि अवैध खनन से इस क्षेत्र में अनेक राजनीतिकविवाद उत्पन्न होते हैं।      
             समाचारपत्र अभी हाल ही में कुछ पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण पर अपनी टीप कर रहा था। कहा जाता है कि पुलिस अधीक्षक ने यह सार्वजनिक बयान दे दिया कि वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था में पुलिसिंग समाप्त हो गयी है। उसने अपने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों  से सच्चाई का साथ देने की बात कही है। यद्यपि मुझे तथ्यों की जानकारी नहीं है लेकिन समाचार पत्र के अनुसार इसी कारण से पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण करदिया गया।संभव है कि यह नौजवान पुलिस अधिकारी यह नहीं जानता था कि इस तरह की बातें करना उसके करियर के लिए बेहद घातक है। अधिकारी काम करें या न करें अपने अगल-बग़ल के राजनीतिज्ञों के काम में अड़ंगा नहीं बनना चाहिए।शायद यह नौसिखिया अधिकारी भविष्य में एक अनुभवी अधिकारी में तब्दील हो जाये ।
       एक बात और स्पष्ट है कि अधिकारी या सरकार चाहे किसी प्रकार की हों , इसका खनिज सम्पदा की लूट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
(लेखक मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ सेवानिवृत्त आई पी एस अधिकारी रहे हैं और वर्तमान में मालवाचंल यूनिवर्सिटी के कुलपति पद पर कार्यरत हैं।)

2020-07-12aaj