एबीवी-आईआईआईटीएम ग्वालियर एवं पीडीटीसी, एमपीएमकेवीवीसीएल भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का द्वितीय दिवस सफलतापूर्वक संपन्न

, उपभोक्ता हित एवं विद्युत वितरण दक्षता पर हुआ मंथन.

ग्वालियर।  अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान (एबीवी-आईआईआईटीएम), ग्वालियर द्वारा पावर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेनिंग सेंटर (पीडीटीसी), मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमपीएमकेवीवीसीएल), भोपाल के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का द्वितीय दिवस विभिन्न तकनीकी सत्रों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एमपीएमकेवीवीसीएल, भोपाल के अभियंता एवं अधिकारी उत्साहपूर्वक सहभागी बने रहे।
द्वितीय दिवस का प्रथम तकनीकी सत्र “ट्रांसफॉर्मर का निर्माण एवं कमीशनिंग” विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें श्री तेजेन्द्र जांगिड़, एनपीटीआई फरीदाबाद ने ट्रांसफॉर्मर की संरचना, निर्माण प्रक्रिया, परीक्षण विधियों तथा कमीशनिंग से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने ट्रांसफॉर्मर की विश्वसनीयता एवं दक्षता बनाए रखने हेतु आवश्यक सावधानियों पर भी प्रकाश डाला। इसके पश्चात आयोजित दूसरे तकनीकी सत्र में श्री प्रांजल जुगलान, एनपीटीआई फरीदाबाद ने “एटी एंड सी हानियों में कमी एवं प्रबंधन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वितरण कंपनियों के लिए एटी एंड सी हानियों की चुनौतियों, उनके कारणों तथा आधुनिक तकनीकों एवं प्रबंधन रणनीतियों के माध्यम से उन्हें कम करने के प्रभावी उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एटी एंड सी हानियों में कमी से विद्युत वितरण व्यवस्था की दक्षता एवं विश्वसनीयता में सुधार होता है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है। साथ ही, इससे राजस्व संग्रहण में वृद्धि, विद्युत चोरी एवं अनावश्यक हानियों में कमी तथा उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव होता है, जो अंततः उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी सिद्ध होता है। दोपहर पश्चात तीसरे तकनीकी सत्र में श्री तेजेन्द्र जांगिड़ ने “सर्किट ब्रेकरों की स्थिति निगरानी (डीआरसीएम प्रौद्योगिकी)” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सर्किट ब्रेकरों की स्वास्थ्य निगरानी, पूर्वानुमानित अनुरक्षण तथा विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने में डीआरसीएम प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित किया। दिवस के अंतिम तकनीकी सत्र में श्री प्रांजल जुगलान ने “विद्युत वितरण में विद्युत सुरक्षा एवं जोखिम प्रबंधन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्युत सुरक्षा मानकों, दुर्घटना निवारण उपायों, कार्यस्थल सुरक्षा संस्कृति तथा जोखिम प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
सभी सत्रों के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ सक्रिय संवाद स्थापित किया तथा अपने व्यावहारिक अनुभवों एवं जिज्ञासाओं को साझा किया। विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत वास्तविक उदाहरणों एवं अध्ययन मामलों ने सत्रों को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बनाया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्युत वितरण क्षेत्र में कार्यरत अभियंताओं एवं अधिकारियों को नवीनतम तकनीकों, संचालन संबंधी चुनौतियों तथा उनके व्यावहारिक समाधानों से परिचित कराते हुए उनकी तकनीकी क्षमता एवं कार्यकुशलता को और अधिक सुदृढ़ करेगा। यह जानकारी संस्थान की मीडिया प्रभारी दीपा सिंह सिसोदिया द्वारा प्रदान की गई है।

posted by Admin
11

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->