(हितेन्द्र सिंह भदौरिया)
ग्वालियर। शहर के सिद्धेश्वर नगर, मुरार की रहने वाली इन्द्रा प्रजापति की कहानी उन लाखों महिलाओं के लिए एक मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पंख देना चाहती हैं। कुछ समय पहले तक इन्द्रा के पास न पर्याप्त पूंजी थी और न कोई बड़ा सहारा, पर उन्हें अपनी अदम्य जिजीविषा और मेहनत पर अटूट भरोसा था। प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना ने उनकी उम्मीद को पंख लगा दिए। योजना के तहत इन्द्रा को पहले चरण में 10 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस छोटी-सी पूंजी को उन्होंने बड़े हौसले के साथ लगाया और हाथ ठेले पर फल बेचने का व्यवसाय शुरू किया। उनकी लगन और ईमानदार मेहनत रंग लाई। व्यवसाय चल निकला और घर में खुशहाली की एक नई सुबह हुई।
इन्द्रा की मेहनत और समय पर ऋण अदायगी को देखते हुए उन्हें दूसरे चरण में 20 हजार रूपये की अतिरिक्त सहायता भी मिली। इस राशि से उन्होंने अपने फल व्यवसाय का विस्तार किया और आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतें तो पूरी कर ही रही हैं, साथ ही उनका आत्मविश्वास देखते ही बनता है। इन्द्रा बड़े उत्साह के साथ कहती हैं कि पीएम स्व-निधि योजना ने मुझे सिर्फ पैसे नहीं दिए, बल्कि एक नई दिशा दी है। अब मैं अपने फल व्यवसाय को और ऊँचाइयों तक ले जाऊँगी। आज इन्द्रा प्रजापति के चेहरे पर जो संतोष और आत्मनिर्भरता की चमक है, वह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है। वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति हृदय से कृतज्ञ हैं और कहती हैं कि इस योजना ने उनके जीवन को एक नया अर्थ दिया है। इन्द्रा की स्वावलंबन की ओर यह यात्रा सिद्ध करती है कि जब सरकार की सही नीति और एक आम नागरिक की कड़ी मेहनत साथ आती है, तो तस्वीर बदलते देर नहीं लगती।