आर.व्ही.एस.के.व्ही.व्ही. में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को लेकर मंथन
ग्वालियर। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर में सेंटर फॉर एग्रीबिजनेस इनक्यूबेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप (सी.ए.आई.ई.) द्वारा फूड प्रोसेस इंडस्ट्री कंसल्टेशन एंड स्टेक होल्डर मीट 2026 का आयोजन किया गया। नाबार्ड के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में पोहा, नमकीन, कोल्ड प्रेस ऑयल, क्रायोजेनिक स्पाइसेस और टमाटर कैचप जैसी प्रसंस्करण इकाइयों वाली सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन (सी.पी.एल.) को लेकर उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और एफपीओ प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
बैठक में सी.ए.आई.ई. के नोडल अधिकारी डॉ. वाई.डी. मिश्रा ने सेंट्रल प्रोसेसिंग लाइन की अवधारणा और संभावनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि यह सुविधा किसानों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स एवं किसान उत्पादक संगठनों को आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीक उपलब्ध कराएगी। इससे कृषि उपज का बेहतर उपयोग, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि के नए अवसर विकसित होंगे।कार्यक्रम का संचालन सी.ए.आई.ई. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अंकित रजक ने किया। उन्होंने बताया कि सी.ए.आई.ई. कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, नवाचारों को प्रोत्साहित करने और युवाओं में उद्यमिता विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है। बैठक में विशेषज्ञों ने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, तकनीकी दक्षता और बाजार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों ने कहा कि सी.पी.एल. क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूती देने के साथ रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।