तरूण पुष्करः हादसे की हर रोज आशंका, लेकिन सजग लाईफ गार्डों की निगाह नहीं चूकती

(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। ग्वालियर नगर निगम के स्विमिंग पुल तरूण पुष्कर इन दिनों गर्मियों में युवाओं और तैराकों का स्वास्थ्य फिटनेस का केन्द्र बन गया है। तरूण पुष्कर में गर्मियों में तैर कर बच्चे, युवा, बुजुर्ग व महिलाएं सभी गर्मी से राहत पा रहे हैं। लेकिन इस दौरान यहां तैनात 12 लाइफ गार्ड सजग रहकर तैरने वालों पर निगाह भी रखते है, ताकि कोई नौसिखिया कहीं हादसे का शिकार न हो जाये। स्वयं निगम के खेल अधिकारी बृजकिशोर त्यागी भी तैराकी के समय उपस्थित रहकर सभी तैराकों व लाइफ गार्ड पर निगाह रखते है, ताकि कहीं कोई चूक न हो जाये।
ग्वालियर नगर निगम का स्विमिंग पूल तरूण पुष्कर स्थानीय तैराकों के लिये गर्मियों में सबसे बड़ा केन्द्र है। यहां लगभग सुबह 6 से प्रातः 10 बजे और सायं 5 से रात्रि 8 बजे तक लगभग प्रतिदिन ए हजार तैराकी शौकीन आते है। इसमें सायंकाल युवतियों, महिलाओं व परिवार के बैच हैं। जिसमें मंथली सदस्य के अलावा नियमित शुल्क देकर तैराकी करने वाले अलग है। लेकिन इन सबके बीच विशेष बात यह है कि नगर निगम की ओर से तैनात कोच और लाइफ गार्ड इतने सजग है कि किसी भी तैराक या नौसिखिये के हिचकोला खाते ही तुरंत पूल में छलांग लाग देते है और तुरंत उसे बाहर खींच लाते हैं। निश्चित है कि स्विमिंग पूल में लाईफ गार्डों की तैनाती काबिले तारीफ हैं। स्वयं निगम कमिश्नर संघप्रिय भी नियमित तौर पर खेल अधिकारी बृजकिशोर त्यागी से अपडेट लेते रहते हैं, ताकि स्विमिंग पूल पर कोई भी लाईफ गार्ड अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को हल्के में न लें। निगम खेल अधिकारी त्यागी का कहना है कि यह कार्य बहुत ही जिम्मेदारी वाला है, इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही से क्षण भर में कोई भी हादसा हो सकता है। त्यागी स्वयं तरूण पुष्कर पर लाईफ गार्ड व तैराकी कोचों से सतत संपर्क में रहकर निर्देश देते रहते है। 
कई बार देवदूत साबित हुये लाईफ गार्ड 
तरूण पुष्कर पर कई बार लाइफ गार्ड देवदूत साबित हुये है, उन्होंने कई बार काफी लोगों को डूबने से बचाकर देवदूत की भूमिका निभाई है। कई नौसिखिये मना करने के बाद भी जब 4 फुट पानी के तल से आगे बढ़कर हिचकोले खाने लगते है और सांस छोड़ने लगते है तो यह लाईफ गार्ड बिना एक सेकंड भी देरी किये पानी में छलांग लगाकर उन्हें निकाल लाते हैं।
यह लाईफ गार्ड है तैनात 
तरूण पुष्कर में पूरे समय सहायक खेल अधिकारी जितेन्द्र यादव सहित कोच अयोध्या शरण शर्मा, महिला बैच में सुरभि चौधरी, रूबिना चौधरी उपस्थित रहते हैं। वहीं सजग निगाहों में एक दर्जन लाईफ गार्ड पूरे तैराकी के समय प्रत्येक तैराक पर निगाह रखते है। यह एक्सपर्ट 10-10 फुट की दूरी पर खड़े होकर प्रत्येक तैराक व तैराकी सीखने वालों पर अपनी तेज निगाहों का फोकस रखते है। इन लाईफ गार्डों में नरेश नरवारे, अनिल रत्नाकर, राशिद खान, आसिफ खान, सईद खान, महेन्द्र कुमार वर्मा, सूरज, राहुल शर्मा, रजनी यादव आदि 12 लाईफ गार्ड शामिल हैं। 

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