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कलेक्टर श्रीमती चौहान ने पुस्तक विक्रेताओं व अधिकारियों के साथ लिया पुस्तक मेला की तैयारियों का जायजा

ग्वालियर  स्कूली बच्चों को सस्ती दर पर किताबें, यूनीफॉर्म व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिये ग्वालियर में सात दिवसीय पुस्तक मेला (बुक फेयर) लगने जा रहा है। सरकार की मंशा के अनुरूप यह बुक फेयर मौजूदा मार्च माह के दौरान ग्वालियर मेला में सूर्य नमस्कार तिराहा के समीप स्थित शिल्प बाजार परिसर में लगेगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने रविवार की शाम संबंधित अधिकारियों एवं पुस्तक विक्रेताओं के साथ शिल्प बाजार परिसर पहुँचकर पुस्तक मेले की तैयारियों का जायजा लिया।
कलेक्टर ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पुस्तक मेला अवधि के दौरान बाजार में किसी भी पुस्तक की दुकान से स्कूली पुस्तकें व स्टेशनरी नहीं बेची जा सकेंगीं। इस पर पुस्तक विक्रेताओं एवं एसोसिएशन के अधिकारियों ने सहमति जताई। साथ ही कहा कि पुस्तक विक्रेताओं ने कहा कि पुस्तक मेला को लेकर हम उत्साहित हैं। पुस्तक मेले में प्रत्येक दुकानदार द्वारा किताबों, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म की बिक्री पर आकर्षक छूट भी प्रदान की जायेगी। पुस्तक मेला परिसर के निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत, जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी, डीपीसी रविन्द्र तोमर एवं मेला सचिव सुनील बाबू त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी, पुस्तक विक्रेता एसोसिएशन के पदाधिकारी व पुस्तक विक्रेता मौजूद थे। पुस्तक विक्रेताओं को जिले के विभिन्न स्कूलों के पाठ्यक्रम उपलब्ध करा दिए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने इस मौके पर पुस्तक विक्रेताओं से कहा कि वे निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकों के सेट बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराएं।  वेंडर्स यानि पुस्तक विक्रेताओं द्वारा पुस्तक मेला मे किताबें, स्टेशनरी व ड्रेस खरीदने वाले अभिभावकों को विशष छूट दी जायेगी। पुस्तक मेला लगने से अनाधिकृत प्रिंटिग कर पुस्तक बेचने की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
मार्च माह के द्वितीय पखवाड़े में लगने जा रहे पुस्तक मेले में सीबीएसई, आईएसई एवं एमपी बोर्ड से संबंध सभी निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकें व यूनीफॉर्म उपलब्ध रहेंगी। जिला प्रशासन द्वारा बच्चों व उनके अभिभावकों के हित को ध्यान में रखकर लिए गए पुस्तक मेला लगाने के निर्णय का पुस्तक प्रकाशकों (पब्लिशर्स) व डीलर्स ने स्वागत किया है। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने निरीक्षण के दौरान पुस्तक मेले की रूपरेखा के संबंध में विस्तार से चर्चा की। पुस्तक विक्रेताओं ने पिछले साल जिन दुकानदारों को जो दुकानें आवंटित की गई थीं, उन्हीं दुकानों का इस बार भी आवंटन करने का आग्रह किया। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने कहा कि पुस्तक विक्रेताओं की सहमति से ही आवंटन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जायेगा। उन्होंने शिल्प बाजार परिसर की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, शौचालय व पेयजल की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि पुस्तक मेला परिसर में फूड स्टॉल भी लगवाए जाएं। 

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिये बनेगा बुक बैंक 
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये पुस्तक मेला परिसर में बुक बैंक भी स्थापित किया जायेगा। ऐसे स्कूली विद्यार्थी जो अपनी पिछली कक्षा की किताबें दान करना चाहते हैं वे बुक बैंक में अपनी किताबें जमा कर सकेंगे। ज्ञात हो पिछली साल बनाए गए बुक बैंक से 700 जरूरतमंद बच्चों ने नि:शुल्क पुस्तकें प्राप्त की थीं। 

हैल्पलाइन नंबर जारी
पुस्तक विक्रेताओं एवं स्कूली बच्चों व उनके अभिभावकों की मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से हैल्पलाईन नंबर भी जारी कराया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कॉर्डिनेटर आईटी सेल श्री अरविंद तोमर (मोबा. 98935-87573) से संपर्क कर पुस्तक मेला के संबंध मे जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही पुस्तक मेला के संबंधित समस्याएं भी दर्ज कराई जा सकेंगी। 

पुस्तक के सेट की कीमत का परीक्षण होगा 
स्कूलों द्वारा निर्धारित पुस्तकों के सेट की कीमत का परीक्षण कराया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक को जल्द से जल्द यह परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिछली साल के पुस्तक मेले में अभिभावकों व विद्यार्थियों द्वारा दर्ज किए गए फीड बैक का अध्ययन कर इस बार के मेले को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए हैं। 

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