एनसीसी प्रशिक्षार्थियों ने प्रदर्शित की - भारतीय सांस्कृतिक धरोहर ‘जुबिली झंकार‘
संस्कृति के रंगों में बसा अनुशासन और एकता का संदेश‘‘
भारत में विभिन्न संस्कृति होते हुए भी हमारी प्राचीन सभ्यता हम सभी को एकता के सूत्र में बांधंे हुए है। राष्ट्रीय कैडेट कोर विश्व की एक प्रधान वर्दीधारी युवा संगठन है जो अपने आदर्श ‘‘एकता एवं अनुशासन‘‘ द्वारा देश की विविधताआंे को एकता की ओर अग्रसर करता है। एनसीसी संगठन को अनुशासन, उनके प्रशिक्षण द्वारा तथा एकता, सांस्कृतिक एकीकरण द्वारा प्राप्त होती है।
ग्वालियर स्थित एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में पीआरसीएन कोर्स के अंतिम चरण में 13 सितंबर 2025 को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘‘जुबिली झंकार‘‘ ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और विविधता का एक अद्वितीय प्रदर्शन प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए प्रशिक्षुओं ने अपने-अपने क्षेत्रीय लोक नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक पेश की। कार्यक्रम का उद्घाटन ब्रिगेडियर विजयंत महाडिक, कमांडेंट, एनसीसी ओटीए ग्वालियर द्वारा किया गया।
सांस्कृतिक संध्या ‘‘जुबिली झंकार‘‘ का प्रारंभ भारत के राज्यों के सांस्कृतिक स्वरूपों को दर्शाते हुए कार्यक्रम प्रस्तुति द्वारा किया गया। देश के कोने-कोने से आईं टेªनीस ने राज्यों की सम्पन्न संस्कृति को मनोरंजक तथा शैक्षणिक माध्यम से प्रस्तुत करके मंच को जीवंत कर दिया।
इस संध्या का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन व गणेश वंदना से किया गया। कार्यक्रम के अगले चरण में महाराष्ट्र, केरला, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, उत्तर पूर्वी राज्य, तमिलनाडू, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटका एवं गोवा की संस्कृति प्रस्तुत की गई।
ओटीए के प्री-कमीशन कोर्स में 132 प्रशिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें हैं जो कि
19 सितम्बर 2025 (शुक्रवार) को ग्वालियर अकादमी के एतिहासिक तथा प्रभावी वातावरण में भव्य दीक्षांत परेड के साथ कमीशन प्राप्त करेंगे।