व्हाईट हाउस के प्रत्याशी सबकी सहमति से, अभी पारस, भूपेन्द्र, प्रवीण में से कोई नाम तय नहींः अरविंद अग्रवाल
(विनय अग्रवाल)
ग्वालियर। मप्र चेंबर आफ कामर्स के चुनावों में अपने समर्थक व्यापारियों को विभिन्न पदों पर लड़ाने वाले हाउस के कर्ताधर्ता अब सक्रिय हो चले हैं और विभिन्न स्तर पर गोपनीय बैठकें भी करके रणनीति बनाने में लगे हैं। इधर व्हाईट हाउस के चाणक्य माने जाने वाले अरविंद अग्रवाल ने भी शनिवार को इस प्रतिनिधि से चर्चा में कहा कि व्हाईट हाउस के प्रत्याशी सबकी सहमति से ही तय होंगे और अभी कोई भी प्रत्याशी अधिकारिक तौर पर तय नहीं है।
चीन दौरे पर गये चेंबर की राजनीति के चाणक्य व्हाईट हाउस के अघोषित सुप्रीमो अरविंद अग्रवाल ने इस प्रतिनिधि से मोबाइल इंटरव्यू में कहा कि व्हाईट हाउस व्यापारियों के मुददे उठाने में सबसे आगे रहता है। इसी कारण चेंबर से जुड़े व्यापारी, उद्योगपति, व्हाईट हाउस के पैनल को तबज्जो भी देते है। उन्होंने कहा कि हम पैनल में उन प्रत्याशियों को ज्यादा तबज्जो देंगे, जो सबको साथ लेकर चले। उन्होंने कहा कि अभी चेंबर चुनावों के लिये हमने किसी भी पद के लिये कोई प्रत्याशी तय नहीं किये हैं। अरविंद अग्रवाल ने कहा कि वह चीन दौरे से लौटकर व्हाईट हाउस के मुख्य कर्ताधर्ता जीएल भोजवानी जी व अन्य प्रमुख लोगों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे। हां इतना जरूर है कि अभी पारस जैन, भूपेन्द्र जैन और वर्तमान अध्यक्ष डा. प्रवीण अग्रवाल में से अभी कोई भी अध्यक्ष पद के लिये व अन्य किसी भी पद के लिये कोई प्रत्याशी तय नहीं किये गये हैं। मैं इतना जरूर बता दूं कि जो भी अध्यक्ष क्या अन्य सभी पदों के लिये भी यह स्पष्ट है कि जिस प्रत्याशी के लिये सबकी सहमति होगी, वही व्हाईट हाउस का प्रत्याशी होगा।
अरविंद अग्रवाल ने कहा कि कुछ लोगों को गलतफहमी हो गई है कि प्रत्याशी तय है, मैं बता दूं कि कोई प्रत्याशी तय नहीं है और हम मिलकर बैठकर ही व्हाईट हाउस के प्रत्याशियों की सूची फाइनल करेंगे। अरविंद अग्रवाल ने कहा कि व्हाईट हाउस का मानना है कि चेंबर ऐसे सशक्त हाथों में रहना चाहिये, जो व्यापारियों की समस्याओं के निदान के लिये हर समय तैयार रहे। अग्रवाल ने कहा कि हम व्हाईट हाउस के लिये युवा और समर्पित प्रत्याशी विभिन्न पदों पर उतारेंगे।