भूकंपरोधी निर्माण, सीपीआर, अग्नि सुरक्षा और जीवन रक्षक उपकरणों का कराया अभ्यास
ग्वालियर। आपदा की स्थिति में लोगों का जीवन बचाने और त्वरित राहत पहुंचाने के लिए सरकारी अमले को तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में भूकंपरोधी निर्माण एवं आपदा प्रबंधन पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों को सीपीआर, अग्नि सुरक्षा, जीवन रक्षक उपकरणों के उपयोग और भूकंप के दौरान बचाव के उपायों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को आपदा के समय संयम बनाए रखने, सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने और जरूरतमंदों को तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने का अभ्यास कराया।
जिला होमगार्ड कमांडेंट रिपुदमन सिंह ठाकुर के निर्देशन में एसडीआरएफ के प्लाटून कमांडर धर्मेंद्र वर्मा ने विभिन्न जीवन रक्षक उपकरणों की उपयोगिता और उनके सुरक्षित संचालन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों को घायल या बेहोश व्यक्ति की स्थिति में प्राथमिक जीवन रक्षक उपायों तथा सीपीआर की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। निगम के फायर ऑफिसर उमंग प्रधान ने अग्नि सुरक्षा पर जानकारी दी। उन्होंने आग लगने के प्रमुख कारणों, आग के प्रकार और बचाव के उपाय समझाए। साथ ही आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों के साथ विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों के उपयोग का लाइव डेमोंस्ट्रेशन किया। प्रतिभागियों ने स्वयं अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग बुझाने की तकनीक का व्यावहारिक अभ्यास किया।
तकनीकी विशेषज्ञ अभिषेक मिश्रा ने भूकंपरोधी संरचना निर्माण के तकनीकी पहलुओं और सुरक्षित निर्माण के लिए आवश्यक मानकों की जानकारी दी। उन्होंने निर्माण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी प्रकाश डाला। तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. तुषार गोलाईत ने स्ट्रक्चर एनालिसिस के माध्यम से भवन की संरचनात्मक मजबूती तथा भूकंप के दौरान भवन के व्यवहार को समझाया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने भूकंप के समय घबराने के बजाय शांत रहने, सुरक्षित स्थान की पहचान करने तथा भवन से सुरक्षित रूप से बाहर निकलने के उपाय बताए। आपदा के दौरान त्वरित निर्णय, आपसी समन्वय और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने को प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।