ग्वालियर। फोटोग्राफ समाचार की सत्यता का प्रमाण होते है। उनमें भावनात्मक अपील होती है। इसलिए पत्रकारों को फोटोग्राफी की समझ होना आवश्यक है।यह बात वर्ल्ड फोटोग्राफी डे पर जीवाजी विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र में फोटोग्राफी प्रशिक्षण के पहले दिन मंगलवार को आयोजित व्याख्यान में पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एस एन महापात्रा ने कही।
प्रोफेसर महापात्र ने फोटोग्राफी का विकास और एरियल फोटोग्राफी से छात्रों को अवगत कराया। इस मौके पर वरिष्ठ फोटोजर्नलिस्ट रविन्द्र उपाध्याय ने कहा कि फोटोजर्नलिस्ट बनने के लिए अच्छा फोटोग्राफर और जर्नलिस्ट होना जरूरी है। उन्होंने कहा फोटोजर्नलिस्ट को रूटीन के साथ ऑफबीट फोटोग्राफ खींचने की कला भी आना चाहिए। प्रशिक्षण के दूसरे दिन आज छात्र मुरैना जिले में स्थित ऐतिहासिक स्थल मितावली और पढ़ावली का भ्रमण कर फोटोग्राफी कर व्यावहारिक ज्ञान लेंगे।