झाँसी मंडल के सभी एसी में उन्नत फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम तथा फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम स्थापित
झांसी: मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्ग दर्शन में यात्री सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए झांसी मंडल ने अपनी ट्रेनों के 143 एसी कोचों एवं पावर कारों में उन्नत फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम (FSDS) तथा फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (FDSS) स्थापित किए हैं।
मंडल कई प्रमुख रेकों का प्राथमिक रखरखाव करता है, ने सभी एसीकोचों— जिनमें एसी 2-टियर, एसी 3-टियर, एसी 3-टियर इकोनॉमी तथा एसी चेयरकार शामिल हैं— में FSDS प्रणाली स्थापित कीहै। वहीं पावर कार (जनरेटरवैन), जिनमें इंजन और ईंधन प्रणालीहोती है, को विशेष रूप से फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (FDSS) से सुसज्जित किया गया है। यात्री कोचों में लगाया गया यहसिस्टम 24×7 एक “इंटेलिजेंटसुरक्षाकवच” की तरह कार्य करता है। एस्पिरेशन तकनीक के माध्यम से यह प्रणाली कोच के विभिन्न हिस्सों— जैसे यात्री डिब्बों, शौचालयों और विद्युत कैबिनेट— से छिपी पाइपलाइन के जरिए लगातार हवा के नमूने लेती रहती है। यह अत्यंत सूक्ष्म धुएँ के कणों का भी प्रारंभिक स्तर पर पता लगा सकती है, कई बार आग की लपटें दिखाई देने से पहले ही।
गंभीर खतरे की स्थिति में यह प्रणाली अलार्म सक्रिय करने के साथ-साथ ट्रेन के ब्रेक स्वतः लागू कर सकती है, जिससे समय पर कार्रवाई और सुरक्षित निकासी संभव हो सके।
पावर कारों में लगाया गया ,यह सिस्टम केवल आग का पता ही नहीं लगाता, बल्कि उसे तुरंत नियंत्रित भी करता है।यदि इंजन क्षेत्र में आग का संकेत मिलताहै, तो यह उच्च-दाब (हाई-प्रेशर) जलफुहार (वॉटरमिस्ट) तुरंत छोड़ता है, जिससे आग को उसके स्रोत पर ही नियंत्रित और बुझाया जा सके। इससे आग अन्य कोचों तक फैलने से रुकती है। पारंपरिक अग्निशामक यंत्रों से आगे बढ़कर स्वचालित एवं स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियों को अपनाने से झांसी मंडल ने अग्निसुरक्षा मानकों को नई ऊँचाई दी है। मंडल की समर्पित मेंटेनेंस टीमें सेंसर और कंट्रोल पैनलों की नियमित जाँच करतीहैं, ताकि ये प्रणालियाँ हर समय सक्रिय औरतैयार रहें।
ये आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएँ प्रतिदिन हजारों यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।